हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, मानसून सत्र में कई अहम बिल हुए पास
खबर सार :-
Parliaments Monsoon Session 2026: विपक्ष के साथ गतिरोध के बीच संसद का मानसून सत्र समाप्त हुआ और लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।
खबर विस्तार : -
Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र 2026 हंगामेदार रहा। भारी हंगामे और लगातार रुकावटों के बीच, गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे सत्र का समापन हुआ। इस छोटे और हंगामेदार सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध के बावजूद, सरकार ने अपने बहुमत का इस्तेमाल करते हुए 'वॉयस वोट' के जरिए कई अहम बिल पास किए। सत्र के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद थे।
बता दें कि गुरुवार को सुबह 11:00 बजे राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के साथ लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। गीत के सभी छह पद बजाए गए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे। राष्ट्रगीत के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी। हालांकि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सत्र के दौरान लोकसभा के कामकाज और उत्पादकता का ब्योरा देने वाला पारंपरिक समापन भाषण नहीं दिया।
इन प्रमुख मुद्दों पर अड़ा रहा विपक्ष
दरअसल संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित दुरुपयोग और NEET पेपर लीक, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर अड़ा रहा। विपक्ष ने NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया। इसके अलावा, विपक्ष ने सदन से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाब की मांग की।
हंगामे के बावजूद कई प्रमुख विधेयक पास
लोकसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के बावजूद, सरकार कई प्रमुख विधेयक पास कराने में सफल रही। कुछ बिल बिना बहस के ही पास हो गए क्योंकि विपक्ष के सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। मानसून सत्र के दौरान लोकसभा द्वारा पास किए गए बिल....
- एंटी-पेपर लीक बिल
- टैक्सेशन संशोधन बिल
- सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल
- एमएसएमई संशोधन बिल
- कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक
- ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल
- केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक (केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करना)
- खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक
इस बीच, लोकसभा ने बुधवार को 'वॉयस वोट' के जरिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल (FCRA), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव पास किया। लेकिन सदन में कई विपक्षी दलों की आलोचना और विभिन्न चैरिटेबल संगठनों की मांगों के बाद, 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट (FCRA) बिल, 2026' को बुधवार को विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया। इनमे से ज्यादातर बिल बिना विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पास हो गए। एफसीआरए संशोधन बिल और परिसीमन से जुड़े बिल जैसे कुछ महत्वपूर्ण विधेयक लंबित रह गए।
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पूरे सत्र नहीं हुआ 'प्रश्न काल' और 'शून्य काल'
दरअसल इस पूरे सत्र के दौरान न तो 'प्रश्न काल' और न ही 'शून्य काल' एक बार भी हो सका। सत्र के दौरान दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। ज़्यादातर दिनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके। लोकसभा में तय कामकाज का सिर्फ़ 16 प्रतिशत और राज्यसभा में लगभग 31 प्रतिशत कामकाज ही हो पाया। हंगामे के कारण काम के कई घंटे बर्बाद हो गए।
सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार थी सरकार
सरकार ने कहा कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बच रही है। एक दिन पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा करने का प्रस्ताव भी दिया था, फिर भी गतिरोध बना रहा। सत्र के आखिरी दिन भी हंगामा जारी रहा। आखिरकार, लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे मानसून सत्र का समापन हुआ। यह सत्र हाल के वर्षों के सबसे अधिक बाधित सत्रों में से एक रहा। हालांकि विधायी कामकाज हुआ, लेकिन संसदीय बहस और जवाबदेही के लिए अनुकूल माहौल काफी हद तक नदारद रहा। सभापति के समापन भाषण के बाद सदन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम पूरा बजाया गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
FAQ
1. संसद का मानसून सत्र 2026 कब से कब तक चला ?
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चला।
2. मानसून सत्र 2026 के दौरान कौन से प्रमुख विधेयक चर्चा और पारित किए गए?
इस सत्र में सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े संशोधन विधेयक, 'नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026', 'केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026' शामिल रहे।
3. मानसून सत्र 2026 के दौरान मुख्य राजनीतिक और विधायी मुद्दे क्या रहे ?
इस मानसून सत्र राम मंदिर चढ़ावा चोरी , नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवाद, छात्र विरोध प्रदर्शन और विभिन्न नीतिगत मामलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
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