Monsoon Session: पेपर लीक और चढ़ावा चोरी को लेकर संसद में जोरदार हंगामा, विपक्ष ने लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा

खबर सार :-

Parliament Monsoon Session Live Updates: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा है। विपक्ष राम मंदिर फंड, NEET पेपर लीक और वांगचुक मामले जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। वहीं लाठीचार्ज पर सरकार जमकर निशाना साधा।
Monsoon Session: पेपर लीक और चढ़ावा चोरी को लेकर संसद में जोरदार हंगामा, विपक्ष ने लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा

खबर विस्तार : -

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई को शुरू हुआ।  मानसून सत्र के पहले ही दिन दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ। पहले ही दिन, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) समेत कई विपक्षी दलों ने NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के मुद्दे उठाया। साथ ही शिक्षा मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर लगातार हंगामा होता रहा। विपक्षी नेताओं ने इन मामलों पर सरकार से जवाब और जवाबदेही की मांग की। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि लोकसभा की कार्यवाही पांच बार स्थगित हुई।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जमकर साधा निशाना

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। खड़गे ने कहा कि जंतर-मंतर पर बच्चे इकट्ठा हुए थे और उनकी आवाज दबाई जा रही थी; सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से परीक्षा कराने में असमर्थ है, तो यह ज़िम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंप दी जानी चाहिए। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

संसद में गूंजा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दा

खड़गे ने राम मंदिर में चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोपों का भी ज़िक्र किया और कहा कि इस मामले में पारदर्शिता ज़रूरी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष सदन में पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगे आरोपों पर भी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।

शशि थरूर ने सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी 'छात्रों की गूंज' (Students' Voice) अभियान के तहत कई महीनों से NEET परीक्षा का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकमात्र मांग इन मामलों पर संसदीय चर्चा की है। थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बच रही है, जबकि लोकतंत्र में संसद का उद्देश्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस करना है। उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार के पास बहुमत है, इसलिए उसे चर्चा से डरना नहीं चाहिए। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज पर चिंता व्यक्त करते हुए थरूर ने कहा कि अगर विरोध शांतिपूर्ण था, तो बल प्रयोग समझ से परे है और यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

जिया-उर-रहमान ने की लाठीचार्ज की निंदा

समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया-उर-रहमान बर्क ने भी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मिलने जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है और सरकार को उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए उनसे बातचीत करनी चाहिए।

मानसून सत्र में इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

  1. NEET पेपर लीक विवाद: जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए। सोनम वांगचुक के 23 दिन के अनशन और पुलिस के अस्पताल ले जाने ने इस मुद्दे को और गरम कर दिया। साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
  2. राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद
  3. विपक्षी दलों से बड़े पैमाने पर दल-बदल-
  4. E20 पेट्रोल विवाद
  5. बेरोजगारी
  6. महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें

मानसून सत्र में सरकार का लक्ष्य 8 बड़े विधेयक

  1. विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 (FCRA)
  2. आयकर (संशोधन) विधेयक 2026
  3. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026
  4. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026
  5. विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 
  6. परिसीमन बिल और महिला आरक्षण (131वां संविधान संशोधन विधेयक)  
  7. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026
  8. राष्ट्रीय सम्मान का अपमान (संशोधन) विधेयक 2026

ये भी पढ़ेंः- दिल्ली में CJP कार्यकर्ताओं का जोरादर प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज...आंसू गैस के गोले भी दागे

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई को शुरू हुआ।  मानसून सत्र के पहले ही दिन दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ। पहले ही दिन, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) समेत कई विपक्षी दलों ने NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के मुद्दे उठाया। साथ ही शिक्षा मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर लगातार हंगामा होता रहा। विपक्षी नेताओं ने इन मामलों पर सरकार से जवाब और जवाबदेही की मांग की। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि लोकसभा की कार्यवाही पांच बार स्थगित हुई।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जमकर साधा निशाना

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। खड़गे ने कहा कि जंतर-मंतर पर बच्चे इकट्ठा हुए थे और उनकी आवाज दबाई जा रही थी; सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से परीक्षा कराने में असमर्थ है, तो यह ज़िम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंप दी जानी चाहिए। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

संसद में गूंजा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दा

खड़गे ने राम मंदिर में चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोपों का भी ज़िक्र किया और कहा कि इस मामले में पारदर्शिता ज़रूरी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष सदन में पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगे आरोपों पर भी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।

शशि थरूर ने सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी 'छात्रों की गूंज' (Students' Voice) अभियान के तहत कई महीनों से NEET परीक्षा का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकमात्र मांग इन मामलों पर संसदीय चर्चा की है। थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बच रही है, जबकि लोकतंत्र में संसद का उद्देश्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस करना है। उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार के पास बहुमत है, इसलिए उसे चर्चा से डरना नहीं चाहिए। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज पर चिंता व्यक्त करते हुए थरूर ने कहा कि अगर विरोध शांतिपूर्ण था, तो बल प्रयोग समझ से परे है और यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

जिया-उर-रहमान ने की लाठीचार्ज की निंदा

समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया-उर-रहमान बर्क ने भी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मिलने जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है और सरकार को उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए उनसे बातचीत करनी चाहिए।

मानसून सत्र में इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

  1. NEET पेपर लीक विवाद: जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए। सोनम वांगचुक के 23 दिन के अनशन और पुलिस के अस्पताल ले जाने ने इस मुद्दे को और गरम कर दिया। साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
  2. राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद
  3. विपक्षी दलों से बड़े पैमाने पर दल-बदल-
  4. E20 पेट्रोल विवाद
  5. बेरोजगारी
  6. महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें

मानसून सत्र में सरकार का लक्ष्य 8 बड़े विधेयक

  1. विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 (FCRA)
  2. आयकर (संशोधन) विधेयक 2026
  3. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026
  4. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026
  5. विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 
  6. परिसीमन बिल और महिला आरक्षण (131वां संविधान संशोधन विधेयक)  
  7. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026
  8. राष्ट्रीय सम्मान का अपमान (संशोधन) विधेयक 2026

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