नालागढ़ IED विस्फोट मामले में NIA ने तीन आरोपियों को दबोचा, बड़े नेटवर्क की तलाश

खबर सार :-

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़ पुलिस स्टेशन के पास हुए IED विस्फोट मामले में NIA ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी आतंकी साजिश और बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
नालागढ़ IED ब्लास्ट मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर के पास हुए IED विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि के रूप में हुई है। NIA के अनुसार, तीनों की भूमिका विस्फोट से जुड़ी साजिश में सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।

यह विस्फोट 1 जनवरी को नालागढ़ पुलिस स्टेशन के पास एक गली में हुआ था। जांच एजेंसी के मुताबिक, धमाका पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और कई खिड़कियां टूट गईं।

40 मीटर दूर आर्मी कैंटीन की खिड़कियां भी टूटीं

विस्फोट का असर घटनास्थल के आसपास काफी दूर तक महसूस किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस स्टेशन के नजदीक हुए धमाके से आसपास स्थित इमारतों की खिड़कियां टूट गई थीं। करीब 40 मीटर की दूरी पर स्थित आर्मी कैंटीन की खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा था। धमाके की तेज आवाज करीब 400 से 500 मीटर दूर तक सुनी गई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। शुरुआती तौर पर नालागढ़ पुलिस स्टेशन में विस्फोट को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी।

8 मई को NIA ने दर्ज किया मामला

स्थानीय स्तर पर जांच शुरू होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा गया। NIA ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद 8 मई 2026 को मामले को दोबारा दर्ज किया। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। जांच का फोकस विस्फोट को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान करने के साथ-साथ इसके पीछे मौजूद कथित बड़ी साजिश और नेटवर्क का पता लगाने पर है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि IED तैयार करने, उसे घटनास्थल तक पहुंचाने और विस्फोट को अंजाम देने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

जांच में सामने आई तीन आरोपियों की भूमिका

NIA के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के दौरान तीन संदिग्धों की भूमिका सामने आई। इसके बाद एजेंसी ने महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि जांच अपने हाथ में लेने के बाद इस मामले में ये पहली तीन गिरफ्तारियां हैं। तीनों आरोपियों को शिमला स्थित विशेष NIA अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने महावीर कुमार और अजय मेहरा को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि मनप्रीत सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

पुलिस हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपियों से जांच एजेंसी विस्फोट की योजना, IED से जुड़े पहलुओं और कथित साजिश में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। वहीं, न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी से जुड़े कानूनी पहलुओं के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी एजेंसी

NIA का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी उन अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिनकी कथित तौर पर इस साजिश में भूमिका हो सकती है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य केवल विस्फोट को अंजाम देने वालों तक पहुंचना नहीं, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क और साजिश के दायरे का पता लगाना भी है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि विस्फोट की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। इसके अलावा IED की तैयारी, उसे घटनास्थल तक पहुंचाने और पुलिस स्टेशन के पास विस्फोट करने के पीछे संभावित मकसद से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी NIA

जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। NIA यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के संपर्क में और कौन लोग थे तथा क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। अधिकारियों के मुताबिक, साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने और IED विस्फोट की योजना बनाने तथा उसे अंजाम देने में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका निर्धारित करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

नालागढ़ पुलिस स्टेशन के पास हुआ यह विस्फोट इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसका प्रभाव आसपास के क्षेत्र में काफी दूर तक महसूस हुआ था। अब तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद NIA की जांच का अगला चरण इस बात पर केंद्रित है कि इस घटना के पीछे कौन-कौन लोग थे और कथित साजिश की जड़ें कितनी गहरी थीं।

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