पीपलकोटी सुरंग हादसें में अब तक छह श्रमिकों की मौत, कई घायल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के भी हैं श्रमिक
खबर सार :-
उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की निर्माणाधीन एक सुरंग में अचानक दरार आ गई। इससे पानी और मलबा तेजी से गिरने लगा। यहां करीब 22 लोग काम कर रहे थेे। इनमें से छह लोगों की मौत हो गई। कई श्रमिक दूसरे राज्यों के हैैं।
खबर विस्तार : -
देहरादून: उत्तराखंड के मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में छह श्रमिकों की मौत हो गई। 14 अन्य घायल हो गए। इस निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम पानी रिसने और भूस्खलन ने हादसे का रूप ले लिया। चमोली जिले में पीपलकोटी के निकट एरिया में हुए हादसे में राहत एवं बचाव के लिए जिले के सभी संबंधित विभागों को लगाया गया है। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री भी सक्रिय रहे।
किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश
टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में 22 श्रमिक दबे थे। इनमें से 20 को बाहर निकाल लिया गया था। जिन 20 लोगों को बाहर निकाला गया था, उनमें छह की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हैं। सुरंग में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकासी के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से रात 11 बजे यह जानकारी जारी की गई थी। सुरंग की घटना की जानकारी पाते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्दश दिए कि बचाव कार्य में कोई कमी या लापरवाही न होने दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।
एम्स ऋषिकेश और बेस चिकित्सालय श्रीनगर अलर्ट
हादसे की जानकारी पाते ही चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर पहुंचें और बचाव अभियान तेज कराया। उनकी मौजूदगी में ही टीएचडीसी की मशीनरी और मानव संसाधन को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जाएगा। सुरंग में पानी रिसने और भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और चिकित्सा दलों को रात में ही मौके पर भेजा गया था। हादसे में जो लोग घायल हुए हैं, उनको जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। साथ ही बेस चिकित्सालय श्रीनगर और एम्स ऋषिकेश को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।
उधर मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात भी की। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से घायलों के उपचार, दवाइयां, भोजन और आवास की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि जरूरत पड़ी तो घायल श्रमिकों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जाए। हादसे के संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली से भी फोन पर बात की। दूसरी ओर राज्य आपदा परिचालन केंद्र भी रातभर सक्रिय रहा। एक उच्चस्तरीय बैठक मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव विनोद कुमार सुमन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी के साथ रात में ही हुई। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने भी पीपलकोटी में सुरंग हादसे पर चिंता व्यक्त की।
दूसरे राज्यों के भी हैं श्रमिक
प्रभावित श्रमिकों में झारखंड और छत्तीसगढ़ के लोग भी हैं। जिन राज्यों के श्रमिक हादसे में प्रभावित हुए, वहां के मुख्यमंत्री से भी पुष्कर सिंह धामी ने बात की। धामी ने बताया कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बचाव कार्य में भारी मशीनरी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
दरार बनी और पानी के साथ मलबा आने लगा
चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेलरेस सुरंग में यह हादसा हुआ है। अचानक इसमें शाम के समय पानी का प्रवाह बढ़ गया। इससे सुरंग के भीतर एक कैविटी बनी। यहीं से मलबा गिरने लगा। टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं) कुमार शरद ने बताया कि वहां करीब 22 श्रमिक काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कंपनी प्रभावित श्रमिकों की पूरी मदद करेगी।
परियोजना में रोके जा सकते हैं काम
कुमार शरद ने कहा कि पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है या कई स्थानों पर संभावना बनी है। इसको देखते ऐसे स्थानों की परियोजना में काम रोकने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया काम करते समय सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन हो रहा था, लेकिन अचानक पानी का प्रवाह आ गया।
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