राम मंदिर में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा, गोविंद देव गिरी बोले- नई व्यवस्था होगी लागू

खबर सार :-

गोविंद देव गिरी ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट अब किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने की बजाय संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की जाएगी, जिसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी तथा पेशेवर तरीके से संचालित हो सकेगी।
राम मंदिर में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा, गोविंद देव गिरी बोले- नई व्यवस्था होगी लागू

खबर विस्तार : -

अयोध्याः अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू करने की घोषणा की है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती से लेकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट पहले से अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से मंदिर का संचालन करेगा।

चंपत राय को बताया समर्पित कार्यकर्ता

मीडिया से बातचीत में गोविंद देव गिरी ने बताया कि उन्होंने बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानना था। गोविंद देव गिरी के अनुसार, चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ हैं और किसी भी प्रकार की नाराजगी या असंतोष की भावना उनके मन में नहीं है।

उन्होंने कहा कि चंपत राय एक अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता की सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए समर्पित किया है। ट्रस्ट द्वारा तैयार की जा रही नई प्रशासनिक व्यवस्था को उनका पूरा समर्थन प्राप्त है। त्यागपत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर उनके मन में किसी प्रकार का आक्रोश या असंतोष नहीं है।

गोविंद देव गिरी ने बताया कि अयोध्या प्रवास के दौरान उन्होंने कई प्रमुख साधु-संतों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अधिकांश संतों ने ट्रस्ट द्वारा लिए जा रहे फैसलों का स्वागत किया है और मंदिर की वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। हालांकि कुछ संतों ने पूजा-पद्धति और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं में और सुधार की आवश्यकता जताई है। ट्रस्ट ने इन सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है और आवश्यक बदलाव करने का आश्वासन दिया है।

पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही लागू होगी नई व्यवस्था

उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था का भी उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया। इस दौरान नई सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं का जायजा लिया गया। गोविंद देव गिरी के अनुसार, अब चढ़ावे की गिनती और उससे संबंधित सभी कार्य पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में इतनी सावधानियां बरती गई हैं कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना या अनियमितता की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। हमारा उद्देश्य केवल पारदर्शिता बढ़ाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास को और अधिक मजबूत करना भी है।

उन्होंने कहा कि सीईओ की नियुक्ति के बाद कार्यों का बेहतर समन्वय होगा और मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली में नई दक्षता आएगी। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि श्रीराम मंदिर की प्रतिष्ठा, व्यवस्था और प्रशासन आने वाले समय में और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनेगा।

इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने भी मंदिर प्रशासन में किए जा रहे सुधारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जहां भगवान राम का आशीर्वाद होता है, वहां अंततः सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने इसे देश का सौभाग्य बताया कि वर्तमान समय में रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं और श्रद्धालु विधिवत दर्शन एवं पूजा का लाभ उठा रहे हैं।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी की होगी नियुक्ति

दिनेंद्र दास ने कहा कि मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की विशेष कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक राय व्यक्त करता रहेगा, लेकिन ट्रस्ट अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रहा है।

उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को भी समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इतने विशाल धार्मिक परिसर के प्रभावी संचालन, प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, एक पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाएगी।

दिनेंद्र दास ने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है और ट्रस्ट का उद्देश्य श्रद्धालुओं को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सहज वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के प्रति आस्था और विश्वास ही सभी चुनौतियों का समाधान है। वर्तमान में पूजा-पाठ विधिवत रूप से संपन्न हो रहा है और प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्थाएं मंदिर की गरिमा, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। ट्रस्ट का लक्ष्य केवल धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक प्रणाली के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।

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