अमेरिका-ईरान तनाव से बाजारों में हलचल: सोना-चांदी चमके, डॉलर भी दमदार
खबर सार :-
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने-चांदी में तेजी आई है, जबकि डॉलर भी मजबूत बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने महंगाई की चिंता बढ़ाई है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक हालात ही बाजार की दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
MCX Gold Silver पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है, जिसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती दर्ज की जा रही है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर सुबह 9:48 बजे सोने के 2 अप्रैल के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 291 रुपये यानी 0.19 प्रतिशत बढ़कर 1,55,105 रुपये पर पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत 1,690 रुपये यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,43,083 रुपये दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखी तेजी
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,009 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.21 प्रतिशत बढ़कर 77.815 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अस्थिरता और युद्ध जैसे हालातों में सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। पिछले एक वर्ष में सोने की कीमतों में लगभग 70 प्रतिशत और चांदी में 132 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
डॉलर इंडेक्स भी मजबूत
दिलचस्प बात यह है कि सोने-चांदी में तेजी ऐसे समय पर आई है, जब डॉलर इंडेक्स भी मजबूती के साथ 98 के स्तर पर बना हुआ है। हाल के दिनों में इसमें करीब एक अंक की बढ़त दर्ज की गई है। आमतौर पर डॉलर के मजबूत होने पर सोने-चांदी पर दबाव देखा जाता है, लेकिन मौजूदा तनाव ने इस पारंपरिक समीकरण को बदल दिया है।
एनर्जी सेक्टर पर दिखा असर
अमेरिका-ईरान तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जो कई महीनों का उच्च स्तर है। बीते एक सप्ताह में इसमें लगभग 7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 66.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है और इसमें भी लगभग समान तेजी देखी गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और उछाल संभव है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
निवेशकों की रणनीति बदली
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा हालात में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इक्विटी बाजारों में अस्थिरता के बीच कीमती धातुएं और कच्चा तेल फिलहाल निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं।
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