सोने-चांदी में फिर आएगी चमक! 2026 के अंत तक Gold $5,600 और Silver $120 तक पहुंचने का अनुमान

खबर सार :-

मोनार्क पीएमएस की रिपोर्ट की मानें तो 2026 में सोने-चांदी की दिशा अमेरिकी ब्याज दरों, रियल यील्ड, केंद्रीय बैंकों की खरीद और भौतिक आपूर्ति पर निर्भर करेगी। बुल केस में सोना 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, लेकिन इसकी संभावना 25 प्रतिशत है। सबसे संभावित बेस केस में भी दोनों धातुओं के मजबूत बने रहने का अनुमान है। हालांकि, निवेशकों को तेजी के साथ जोखिम और अस्थिरता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
सोना-चांदी में आएगी जोरदार तेजी! Gold $5,600, Silver $120 तक

खबर विस्तार : -

Gold Price Forecast 2026: सोने और चांदी की कीमतों को लेकर निवेशकों के लिए एक बड़ा अनुमान सामने आया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा और कीमती धातुओं की मांग के बीच मोनार्क पीएमएस की नई रिपोर्ट ने 2026 के लिए सोने और चांदी पर बेहद सकारात्मक परिदृश्य पेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो साल के अंत तक सोना 5,000 से 5,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी 95 से 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।

बुल केस में सोने-चांदी की रफ्तार होगी तेज

रिपोर्ट ने इस सबसे सकारात्मक यानी ‘बुल केस’ परिदृश्य की संभावना 25 प्रतिशत आंकी है। इसके मुताबिक, अगर अमेरिकी श्रम बाजार में कमजोरी आती है और फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों में कटौती का रास्ता अपनाना पड़ता है, तो वास्तविक प्रतिफल में गिरावट सोने और चांदी के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत बन सकती है। ब्याज दरों में नरमी आमतौर पर गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों के आकर्षण को बढ़ा सकती है। ऐसे में सोने की मांग में तेजी आने की संभावना रहेगी। इसके अलावा संस्थागत निवेशकों की ओर से कीमती धातुओं में दोबारा निवेश बढ़ना और चांदी की भौतिक आपूर्ति में तंगी लौटना भी इस तेजी को मजबूती दे सकता है।

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बेस केस सबसे ज्यादा संभावित

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे संभावित स्थिति ‘बेस केस’ है, जिसकी संभावना 55 प्रतिशत बताई गई है। इस परिदृश्य में 2026 के अंत तक सोना 4,300 से 4,700 डॉलर प्रति औंस और चांदी 70 से 85 डॉलर प्रति औंस के बीच रह सकती है। यह अनुमान इस धारणा पर आधारित है कि अमेरिकी फेड सितंबर तक ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। साथ ही ऊर्जा कीमतों के सामान्य होने, वास्तविक प्रतिफल के स्थिर रहने और दुनिया के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद जारी रहने की उम्मीद की गई है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक केंद्रीय बैंक प्रति तिमाही करीब 250 टन सोना खरीदना जारी रख सकते हैं। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद सोने की कीमतों के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्टिंग फैक्टर बनी हुई है।

बेयर केस में कितना टूट सकता है सोना?

मोनार्क पीएमएस ने नकारात्मक यानी ‘बेयर केस’ परिदृश्य की संभावना 20 प्रतिशत रखी है। यदि फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है, कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आती है और महंगाई घटने के बजाय मांग में कमजोरी का संकेत देने लगती है, तो कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ सकता है। इस स्थिति में रिपोर्ट के मुताबिक सोना 3,400 से 3,900 डॉलर प्रति औंस और चांदी 45 से 55 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ सकती है। यानी आने वाले महीनों में अमेरिकी मौद्रिक नीति सोने-चांदी के लिए सबसे बड़े ट्रिगर में से एक बनी रहेगी।

ऊंची रियल यील्ड सोने के लिए बड़ी चुनौती

रिपोर्ट के अनुसार, सोने के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी इन्फ्लेशन-प्रोटेक्टेड सिक्योरिटीज यानी TIPS की वास्तविक यील्ड है, जो 2.41 प्रतिशत पर बनी हुई है। सोना नियमित ब्याज या यील्ड नहीं देता। इसलिए जब वास्तविक बॉन्ड यील्ड ऊंची रहती है, तो निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो सकती हैं। इससे सोने की मांग पर दबाव पड़ने का जोखिम रहता है। इसके उलट रियल यील्ड में गिरावट सोने के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती है।

चांदी की सप्लाई बनी सबसे बड़ी ताकत

चांदी को लेकर रिपोर्ट का रुख भी काफी सकारात्मक है। इसके मुताबिक, चांदी का बाजार लगातार छठे वर्ष घाटे में है। 2021 से अब तक करीब 762 मिलियन औंस चांदी सतही भंडार से निकल चुकी है, जबकि वैश्विक खनन उत्पादन पिछले करीब एक दशक से लगभग स्थिर बना हुआ है। ऐसे में यदि भविष्य में चांदी की मांग बढ़ती है तो सीमित भौतिक आपूर्ति कीमतों में तेज उछाल का आधार बन सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉमेक्स बाजार में कागजी दावों की तुलना में उपलब्ध भौतिक चांदी का अनुपात करीब 5.6 गुना है। यह आंकड़ा संभावित सप्लाई दबाव की ओर इशारा करता है।

चांदी को सोने से भी मिल सकता है फायदा

रिपोर्ट में सोने-चांदी के अनुपात पर भी ध्यान दिया गया है। जनवरी में करीब 46 गुना के शिखर से यह अनुपात बढ़कर लगभग 69 गुना हो चुका है, जो 21वीं सदी के औसत के आसपास है। हाल के महीनों में चांदी अपनी पिछली तेजी का बड़ा हिस्सा गंवा चुकी है। ऐसे में रिपोर्ट के मुताबिक यह सोने की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ती नजर आ रही है। यदि औद्योगिक मांग और निवेश मांग दोनों मजबूत होती हैं, तो चांदी में सोने की तुलना में तेज चाल देखने को मिल सकती है।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. 2026 के अंत तक सोने की कीमत कितनी पहुंच सकती है?

रिपोर्ट के बुल केस में सोना 5,000 से 5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। इस परिदृश्य की संभावना 25 प्रतिशत बताई गई है।

2. चांदी की कीमत को लेकर क्या अनुमान है?

बुल केस में चांदी 95 से 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। चांदी की सीमित भौतिक आपूर्ति और मजबूत मांग को तेजी का प्रमुख कारण माना गया है।

3. सोने की कीमत के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

अमेरिकी 10 वर्षीय TIPS की ऊंची वास्तविक यील्ड सोने के लिए प्रमुख चुनौती है। ऊंची रियल यील्ड निवेशकों को ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित कर सकती है।

4. क्या चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है?

रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी अपेक्षाकृत सस्ती दिखाई दे रही है और बाजार में लगातार सप्लाई घाटा है। मांग बढ़ने पर सीमित उपलब्धता के कारण चांदी में सोने की तुलना में तेज तेजी संभव है।

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