मजबूत डॉलर का असर: सोना-चांदी फिसले, निवेशकों की बढ़ी चिंता
खबर सार :-
मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने सोने-चांदी के बाजार पर दबाव बना दिया है। निवेशकों की धारणा फिलहाल सुरक्षित संपत्तियों से हटती दिख रही है। यदि वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूती जारी रहती है, तो कीमती धातुओं में कमजोरी बनी रह सकती है। हालांकि बाजार में अचानक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
खबर विस्तार : -
Gold-Silver Rate Today: वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मजबूत डॉलर इंडेक्स के चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ा दी, जिससे दोनों धातुओं में करीब 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कमजोरी का रुख साफ नजर आया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 9:56 बजे सोने का 05 जून 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट 0.36 प्रतिशत यानी 546 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,111 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,51,719 रुपये का न्यूनतम और 1,52,200 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं चांदी की बात करें तो 05 मई 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट 1.61 प्रतिशत या 3,987 रुपये की गिरावट के साथ 2,44,377 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। दिनभर के कारोबार में चांदी ने 2,42,220 रुपये का निचला और 2,44,730 रुपये का ऊपरी स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.68 प्रतिशत गिरकर 4,720 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि चांदी 2.43 प्रतिशत टूटकर 76 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण डॉलर इंडेक्स की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.50 के ऊपर कारोबार कर रहा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी जैसी धातुएं निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाती हैं, जिससे उनकी कीमतों में गिरावट आती है।
डॉलर इंडेक्स की मजबूती के पीछे की प्रमुख वजह
डॉलर इंडेक्स की मजबूती के पीछे एक प्रमुख वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। वैश्विक बाजार में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेला है। ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
डॉलर की मांग में इजाफा
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से डॉलर की मांग बढ़ती है, क्योंकि तेल का व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है। इससे डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है और परिणामस्वरूप सोने-चांदी पर दबाव बनता है। डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं-यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक-के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है। इसमें तेजी का सीधा असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर पड़ता है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि डॉलर की मजबूती जारी रहती है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों में और दबाव देखा जा सकता है। हालांकि, किसी भी बड़े आर्थिक या राजनीतिक बदलाव से इस ट्रेंड में तेजी से बदलाव भी संभव है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
चीनी स्टॉक लिमिट आधी, जमाखोरी पर सरकार का बड़ा शिकंजा
2026-09-01
-
सीमा शुल्क-बैंकिंग सुधारों से ‘विकसित भारत’ की रफ्तार होगी तेज
2026-09-01
-
ITR Filing 2026-27: 7.8 करोड़ रिटर्न दाखिल, टैक्सपेयर्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
2026-09-01
-
भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 7.8% GDP ग्रोथ
2026-09-01
-
शेयर बाजार सपाट, सेंसेक्स 76,900 के करीब; ग्लोबल दबाव हाव
2026-09-01
-
अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तूफानी रफ्तार! पहली तिमाही में 7.8% GDP ग्रोथ
2026-08-31
-
सोना-चांदी में आएगी जोरदार तेजी! Gold $5,600, Silver $120 तक
2026-08-31
-
Zomato का बड़ा एक्शन, एनालॉग डेयरी वाली डिशेज पर लगी रोक
2026-08-31
-
भारत कनेक्ट पर फॉरेक्स का धमाल, 4 महीने में ₹11 करोड़ का कारोबार
2026-08-31
-
HDFC Bank CEO रेस में कैजाद भरूचा सबसे आगे, संभालेंगे कमान?
2026-08-31
-
ग्लोबल टेंशन में बाजार की सांसें थमीं, लाल निशान में सेंसेक्स-निफ्टी
2026-08-31
-
CNG फिर हुई महंगी, नई कीमतें आज से लागू
2026-08-29
-
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 729.33 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड पर
2026-08-28
-
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट
2026-08-27
-
सरकार ने साफ की स्थिति, प्याज की उपलब्धता पर दी जानकारी
2026-08-27