Indian Stock Market: सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे सत्र में सकारात्मक शुरुआत की। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स हरे निशान में खुले और शुरुआती कारोबार में मजबूती बनाए रखी। वैश्विक बाजारों में बेहतर जोखिम भावना, विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी तथा ऑटो सेक्टर में उछाल ने बाजार को मजबूती प्रदान की।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 84,273.92 के मुकाबले 65.23 अंकों की बढ़त के साथ 84,339.15 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 62.3 अंकों की तेजी के साथ 25,997.45 पर खुला, जो कि 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है। सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 102 अंक या 0.1 प्रतिशत बढ़कर 84,374 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 44 अंकों की बढ़त के साथ 25,979 पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि व्यापक सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.1 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल निवेशकों का फोकस बड़े और चुनिंदा सेक्टरों पर केंद्रित है।
सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.34 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। ऑटो कंपनियों में बढ़ती मांग और बेहतर आउटलुक की उम्मीद ने इस सेक्टर को सहारा दिया। निफ्टी एफएमसीजी में 0.18 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि निफ्टी आईटी में 0.45 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स पैक में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एसबीआई और सन फार्मा के शेयरों में प्रमुख बढ़त रही। दूसरी ओर, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईटीसी और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे। तकनीकी स्तरों पर बाजार मजबूत, लेकिन 26,000 पर नजर
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, निफ्टी अपने प्रमुख शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है और 25,800–25,900 के सपोर्ट जोन के ऊपर मजबूती से टिके रहने में सफल रहा है। 26,000 का स्तर फिलहाल इमीडिएट रेजिस्टेंस के रूप में सामने है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी 26,000 के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है और बाजार में मौजूदा रिकवरी को और गति मिल सकती है। वहीं, नीचे की ओर 25,800 पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि 25,700 का स्तर अगला अहम आधार रहेगा। तकनीकी संरचना फिलहाल सकारात्मक है, लेकिन रेजिस्टेंस के आसपास कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को लगातार तीसरे सत्र में खरीदारी की और करीब 69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह वैश्विक स्तर पर सुधरते जोखिम रुझान का संकेत है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी सक्रियता दिखाते हुए लगभग 1,174 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे ऊंचे स्तरों पर भी बाजार को मजबूती मिली।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में सीमित दायरे में सकारात्मक कारोबार जारी रह सकता है। निवेशकों का ध्यान ऑटो, मेटल, बैंकिंग और मजबूत तिमाही नतीजे पेश करने वाली कंपनियों पर केंद्रित रह सकता है। हालांकि 26,000 के अहम स्तर के करीब होने के कारण सतर्कता और बेहतर जोखिम प्रबंधन की सलाह दी जा रही है।
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