कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार में हड़कंप, लाल निशान में खुला Sensex-Nifty, निवेशकों में सतर्कता बढ़ी
खबर सार :-
कमजोर वैश्विक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना दिया है। हालांकि आईटी सेक्टर और घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने कुछ संतुलन बनाए रखा है। निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market crash today: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ तौर पर देखने को मिला। शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया। सुबह 9:18 बजे सेंसेक्स 808 अंकों यानी 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,435 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 274 अंक यानी 1.18 प्रतिशत टूटकर 23,033 पर कारोबार करता दिखा।
हर सेक्टर में दबाव, पीएसयू बैंक और ऑटो सबसे बड़े लूजर
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। खासकर पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर में भारी दबाव रहा, जिससे ये इंडेक्स टॉप लूजर्स में शामिल रहे। इसके अलावा वित्तीय सेवाएं, रियल्टी, डिफेंस, प्राइवेट बैंक, कंजप्शन, मेटल और इंफ्रा सेक्टर में भी कमजोरी देखी गई। हालांकि आईटी सेक्टर ने थोड़ी राहत दी और यह एकमात्र ऐसा सेक्टर रहा जो हरे निशान में कारोबार करता दिखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी नहीं बचे
भारतीय शेयर बाजार में केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 561 अंक यानी 1.02 प्रतिशत गिरकर 54,769 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 130 अंक यानी 0.82 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,766 पर कारोबार कर रहा था। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर कमजोरी बनी हुई है।
आईटी शेयरों ने दी थोड़ी राहत
सेंसेक्स के शेयरों में आईटी कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। एचसीएल टेक, टीसीएस, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में बढ़त देखी गई। इसके अलावा सन फार्मा और ट्रेंट भी बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। यह दर्शाता है कि आईटी सेक्टर फिलहाल निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बनता दिख रहा है।
बैंकिंग और ब्लूचिप शेयरों में भारी दबाव
वहीं दूसरी ओर, कई बड़े और भरोसेमंद माने जाने वाले ब्लूचिप शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में कमजोरी ने बाजार की दिशा को नीचे खींचा। इसके अलावा मारुति सुजुकी, टाइटन, एचयूएल और अल्ट्राटेक सीमेंट भी नुकसान में रहे।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख, अमेरिका का असर
वैश्विक संकेतों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, सोल और जकार्ता में बाजार बढ़त के साथ खुले, जबकि शंघाई और हांगकांग में गिरावट दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में गिरावट भी इसी कारण देखी गई। हालांकि, तनाव को कम करने के लिए समयसीमा बढ़ाने की खबर ने थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो सका है।
एफआईआई की बिकवाली जारी, डीआईआई ने संभाला मोर्चा
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बुधवार को उन्होंने 1,805.37 करोड़ रुपये की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,429.78 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया। इससे यह साफ होता है कि घरेलू निवेशक फिलहाल बाजार को स्थिर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
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