मजबूत डॉलर का दबाव: Gold-Silver की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ी
खबर सार :-
सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट मुख्य रूप से मजबूत डॉलर, वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का परिणाम है। एक सप्ताह में आई तेज गिरावट ने बाजार की अस्थिरता को उजागर किया है। निकट भविष्य में कीमतें डॉलर की चाल, ब्याज दरों और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर रहेंगी, जिससे निवेशकों को सतर्क और रणनीतिक बने रहने की जरूरत है।
खबर विस्तार : -
Gold rate today: वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के चलते सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट का सिलसिला जारी है। मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में बड़ी कमजोरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
MCX पर सोने-चांदी का भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:34 बजे 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 2,094 रुपए यानी 1.50 प्रतिशत गिरकर 1,37,166 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। कारोबार के दौरान सोना 1,36,684 रुपए के निचले स्तर तक फिसला, जबकि इसका उच्चतम स्तर 1,38,450 रुपए रहा। चांदी की बात करें तो इसमें और भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 9,837 रुपए यानी 4.37 प्रतिशत गिरकर 2,15,330 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। सत्र के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 2,19,658 रुपए और न्यूनतम स्तर 2,15,330 रुपए रहा।
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाता है, लगभग 0.51 प्रतिशत बढ़कर 99.23 पर पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग घटती है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी एक महत्वपूर्ण कारक है। जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रखते हैं, तो निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सोने की बजाय बेहतर रिटर्न देने वाले बॉन्ड या अन्य साधनों की ओर रुख करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में हैं। खबर लिखे जाने तक सोना 73 डॉलर यानी 1.67 प्रतिशत गिरकर 4,356 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था। वहीं, चांदी 2.625 डॉलर यानी 3.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.73 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक आर्थिक सुस्ती, मजबूत डॉलर और भू-राजनीतिक तनावों में कमी जैसे कारकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को कमजोर किया है।

पिछले एक सप्ताह का Trend
पिछले एक सप्ताह में सोने और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। डॉलर के संदर्भ में देखें तो सोना एक हफ्ते में 13 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है, जबकि पिछले एक महीने में इसमें 15 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई है। चांदी की स्थिति और भी कमजोर रही है। पिछले एक सप्ताह में इसमें 16 प्रतिशत से अधिक और एक महीने में 24 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट दर्शाती है कि औद्योगिक मांग में कमी और निवेशकों की सतर्कता चांदी को अधिक प्रभावित कर रही है।
बाजार की वर्तमान स्थिति
वैश्विक बाजार की स्थितियों को देखें तो, मौजूदा समय में बाजार अत्यधिक अस्थिर बना हुआ है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रा बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक डॉलर मजबूत बना रहेगा, तब तक सोने और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है, खासकर तब जब वैश्विक अनिश्चितताएं फिर से बढ़ें।
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