गिरावट से उभरकर बाजार की शानदार वापसी: Sensex 1,800 अंक चढ़ा, IT शेयरों ने दिखाई ताकत
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती दिखाई और निचले स्तरों से शानदार वापसी की। आईटी सेक्टर की अगुवाई, रुपये की मजबूती और वैल्यू बाइंग ने बाजार को संभाला। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी चिंता का विषय बनी रही। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और निवेशकों का भरोसा बाजार की दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Boom: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती का प्रदर्शन करते हुए दिन का अंत बढ़त के साथ किया। सुबह की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे बाजार ने शानदार रिकवरी दर्ज की। इस तेजी में आईटी सेक्टर सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा।
कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते दबाव में हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखी गई। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 71,545 के स्तर तक लुढ़क गया, लेकिन इसके बाद बाजार में खरीदारी का रुख बढ़ा और इसमें करीब 1,774 अंकों की जबरदस्त वापसी हुई। अंततः सेंसेक्स 185.23 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,319.55 पर बंद हुआ। निफ्टी की बात करें तो यह भी शुरुआती गिरावट के बाद संभल गया। इंट्रा-डे में 22,182 तक फिसलने के बाद इसमें 531 अंकों की रिकवरी दर्ज की गई। दिन के अंत में निफ्टी 33.70 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ।
आईटी सेक्टर से बाजार को मिली मजबूती
इस पूरे सत्र में आईटी सेक्टर ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जो दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। आईटी कंपनियों में खरीदारी का रुझान निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। इसके अलावा रियल्टी, सर्विसेज, मेटल, प्राइवेट बैंक और एफएमसीजी सेक्टरों में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। हालांकि बाजार का रुख पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहा, क्योंकि कई सेक्टर दबाव में भी रहे। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, ऑटो और इंफ्रा सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की तेजी सीमित रही।
आईटी कंपनियों का दबदबा
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में आईटी कंपनियों का दबदबा रहा। एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों ने तेजी में बड़ा योगदान दिया। इसके साथ ही एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, टाइटन, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयर भी बढ़त में रहे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स, सन फार्मा, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट देखी गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी
एक अहम ट्रेंड यह भी देखने को मिला कि लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी बनी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.26 प्रतिशत गिरकर 53,677.05 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.38 प्रतिशत गिरकर 15,650.50 पर आ गया। यह दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार की शुरुआती गिरावट के पीछे वैश्विक कारण प्रमुख रहे। अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। खासतौर पर ईरान को लेकर संभावित तनाव की खबरों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी थी। हालांकि दिन के मध्य में वैल्यू बाइंग देखने को मिली, जिसने बाजार को सहारा दिया। इसके साथ ही भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। रुपये की मजबूती से विदेशी निवेशकों की धारणा बेहतर हुई, जिसका सकारात्मक असर बाजार पर पड़ा।
निवेशकों का भरोसा कायम
कुल मिलाकर, गुरुवार का कारोबारी सत्र यह संकेत देता है कि बाजार में गिरावट के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम है। हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा रहा है, खासकर मजबूत सेक्टरों जैसे आईटी में। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, रुपये की चाल और निवेशकों के रुझान पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार ने यह दिखा दिया है कि वह दबाव के बावजूद वापसी करने में सक्षम है।
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