बजट 2026 के झटकों से उबर रहा शेयर बाजार, हरे निशान में सेंसेक्स, आंकड़ा 81,054.61 अंकों के पार
खबर सार :-
बजट के बाद बाजार में अस्थिरता जरूर बनी हुई है, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से रिकवरी के संकेत भी मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को सतर्क और अनुशासित रणनीति अपनानी चाहिए। मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना और निफ्टी के 25,000 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट का इंतजार करना फिलहाल बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
खबर विस्तार : -
Stock Market News Update: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के अगले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव भरा रुख दिखाया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ दिखाई दी, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर पड़ा। हालांकि, कुछ ही मिनटों में बाजार में रिकवरी होने लगी और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
बाजार में चमत्कारिक रूप से दिखी जोरदार रिकवरी
भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत भले ही लाल निशान से हुई, लेकिन सुबह 9.34 बजे तक बाजार ने शुरुआती नुकसान की भरपाई कर ली थी। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 331.67 अंकों की तेजी के साथ 81,054.61 के आंकड़े पर कारोबार करता नजर आया। वहीं दूसरी तरफ, निफ्टी50 भी 72.80 अंकों या 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,898.25 के स्तर पर पहुंच गया। इससे स्पष्ट हो रहा था कि शेयर बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी का रुझान बना हुआ है।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले दिन के कारोबार की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही। यहां बीएसई सेंसेक्स 167.26 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,555.68 के स्तर पर खुला। वहीं दूसरी तरफ, एनएसई निफ्टी50 भी 28.95 अंक टूटकर 24,796.50 पर आ गया था। निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी थीं। शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के पीछे बजट से जुड़े फैसलों को लेकर निवेशकों की चिंता और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता को प्रमुख कारण माना जा रहा था, लेकिन कुछ ही समय बाद स्थितियां बदलने लगीं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में काफी दबाव
बजट के बाद की स्थितियों को देखते हुए वृहद बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला। यहां निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.30 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे यही संकेत मिल रहा है कि निवेशक बड़े और सुरक्षित शेयरों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। वे कोई भी जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं हैं।
बजट में एफ एंड ओ पर एसटीटी बढ़ने का असर
रविवार, 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया गया। इस बजट में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने की घोषणा की गई। फ्यूचर्स पर एसटीटी बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया।
बजट 2026 पेश होने के बाद आई थी भारी गिरावट
केंद्र सरकार की तरफ से 01 फरवरी को आम बजट 2026 पेश किया गया। इसके बाद से ही शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स एक समय 79,899.42 के निचले स्तर तक फिसल गया था और करीब 3,000 अंकों की इंट्राडे गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी50 भी गिरकर 24,572 के स्तर तक आ गया था, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। इन सबके बावजूद निवेशकों का भरोसा बरकरार रखा और दोपहर तक हरे निशान में कारोबार होता नजर आया।
सेक्टोरल इंडेक्स में उतार-चढ़ाव
भारतीय शेयर बाजार में सेक्टोरल स्तर पर बाजार में कमजोरी हावी रही। निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में सीमित दबाव देखा गया, जबकि चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। सेंसेक्स पैक में शुरुआती कारोबार के दौरान एनटीपीसी, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाइटन और ट्रेंट टॉप लूजर्स में शामिल रहे। इन शेयरों में 1.79 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, लार्सन एंड टुब्रो, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और इंडिगो टॉप गेनर्स रहे, जिनमें 2.5 प्रतिशत तक की मजबूती देखने को मिली।
बाजार में घबराहट का माहौलः एक्सपर्ट
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, निफ्टी ने पिछले सत्र में एक मजबूत बेयरिश कैंडल बनाई है और यह 200-डे ईएमए से नीचे बंद हुआ, जो ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत देता है। फिलहाल 24,950 से 25,000 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 24,650 से 24,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। आरएसआई घटकर 31 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। साथ ही, इंडिया वीआईएक्स में 10.73 प्रतिशत की तेजी आकर यह 15.09 पर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ी हुई घबराहट को दिखाता है।
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