Indian Currency Rupee में रिकॉर्ड गिरावट: पहली बार Dollar के मुकाबले 95 पार, बाजार में बढ़ी बेचैनी
खबर सार :-
रुपए का 95 के पार जाना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी संकेत है। वैश्विक तनाव, महंगा तेल और विदेशी पूंजी की निकासी से दबाव बढ़ रहा है। यदि हालात नहीं सुधरे, तो मुद्रा और बाजार दोनों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों और नीति निर्माताओं को सतर्क रहकर संतुलित कदम उठाने होंगे।
खबर विस्तार : -
Rupee vs Dollar: भारतीय मुद्रा बाजार में सोमवार को ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जब रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर को पार कर गया। दिन के दौरान रुपया 95.2 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया, हालांकि अंत में हल्की रिकवरी के साथ यह 94.83 पर बंद हुआ। यह शुक्रवार के बंद 94.81 के मुकाबले लगभग 0.3 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
रुपये में लगातार गिरावट, डॉलर मजबूत
रुपए में यह कमजोरी अचानक नहीं आई है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। मार्च महीने में ही भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 4.4 प्रतिशत कमजोर हुई है। यह गिरावट निवेशकों की बढ़ती चिंता और वैश्विक अस्थिरता का संकेत दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने डॉलर को मजबूत किया है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है। भारत जैसे तेल आयातक देश पर इसका असर और अधिक गहरा होता है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आयात बिल बढ़ता है और इससे मुद्रा पर दबाव आता है।
आरबीआई की कोशिशों का आंशिक असर
दिलचस्प बात यह रही कि दिन की शुरुआत में रुपया मजबूत नजर आया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकों के लिए ओवरनाइट नेट ओपन पोजिशन लिमिट को घटाकर 100 मिलियन डॉलर करने के फैसले के बाद रुपया शुरुआती कारोबार में संभला हुआ था। लेकिन जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, बाजार में डॉलर की मांग बढ़ी और रुपया अपनी बढ़त गंवाते हुए करीब 160 पैसे तक गिर गया। पिछले सप्ताह भी रुपया करीब 1 प्रतिशत कमजोर हुआ था और यह लगातार चौथा सप्ताह था जब भारतीय मुद्रा में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को रुपया 94.84 के स्तर पर बंद हुआ था, जो उस समय का रिकॉर्ड निचला स्तर था। आरबीआई ने यह भी निर्देश दिया है कि 10 अप्रैल तक बैंक अपनी नेट ओपन रुपया पोजिशन 100 मिलियन डॉलर से अधिक न रखें, जिससे मुद्रा बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके।
भारतीय शेयर बाजार पर भी असर
इस गिरावट का असर केवल मुद्रा बाजार तक सीमित नहीं रहा। भारतीय शेयर बाजार में भी भारी दबाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,635.67 अंक गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 488.20 अंक टूटकर 22,331.40 पर आ गया। निवेशकों की कमजोर धारणा और वैश्विक संकेतों ने बाजार में व्यापक बिकवाली को जन्म दिया।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा कारण
तेल की कीमतों में तेजी भी एक बड़ा कारण बनी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 2.11 प्रतिशत बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.75 प्रतिशत चढ़कर 101.4 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तो रुपए पर दबाव जारी रह सकता है। साथ ही विदेशी निवेशकों की निकासी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
Windfall Tax: सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर 5 गुना विंडफॉल टैक्स बढ़ाया
2026-10-16
-
Jio IPO: 21 अक्टूबर को खुलेगा इश्यू, RIL शेयरधारकों को बड़ा मौका
2026-10-15
-
वैश्विक गिरावट बेअसर! सेंसेक्स 570 अंक उछला, निफ्टी भी झूमा
2026-10-15
-
इंडिगो फ्लाइट में आग के बाद DGCA का बड़ा फैसला, पावरबैंक बैन
2026-10-14
-
महंगाई का डबल अटैक! थोक दर 11.39% पर, बाजार से रसोई तक मार
2026-10-14
-
त्योहारी सीजन में धनवर्षा जारी, 7 लाख करोड़ पार होगा कारोबार
2026-10-14
-
सेबी की राहत: मार्च 2027 तक IPO साइज में 50% बदलाव की छूट
2026-10-14
-
मोदी की कनाडा यात्रा से पहले भारत-कनाडा CEPA पर तेज हुई वार्ता
2026-10-14
-
आईटी शेयरों के दम पर सेंसेक्स चढ़ा, निफ्टी में मामूली गिरावट
2026-10-14
-
आईबीएम-एमईआईटीवाई की डील, डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगी उड़ान
2026-10-13
-
रुपये में गिरावट पर RBI की नजर, उतार-चढ़ाव थामने की तैयारी
2026-10-13
-
IMF का 7% ग्रोथ अनुमान: भारत की ताकत पर दुनिया का भरोसा
2026-10-13
-
दिवाली के बाद लागू होगा UPI MDR, 10 हजार के पेमेंट पर ₹40 शुल्क
2026-10-13
-
सेमीकंडक्टर में लंबी सोच जरूरी, चिप्स ही भविष्य की बुनियाद
2026-10-13
-
होर्मुज संकट से खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर खतरा, तेल 95 डॉलर पार
2026-10-13