मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से सहमा शेयर बाजार, लाल निशान में खुला सेंसेक्स-निफ्टी; फाइनेंशियल शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
खबर सार :-
मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव और तेज हो सकता है।
खबर विस्तार : -
Share Market Updates: मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोमवार सुबह बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका सबसे अधिक असर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर देखने को मिला। वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
आज सुबह 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 472 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,672 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 122 अंक यानी 0.50 प्रतिशत टूटकर 24,221 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही निवेशकों की बिकवाली बढ़ी, जिससे वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
सेक्टोरल इंडेक्स की स्थिति
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा कमजोर रहे। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, रियल्टी, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और इंडिया डिफेंस इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। हालांकि, पीएसयू बैंक, फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल, ऑयल एंड गैस, कमोडिटीज, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों ने मजबूती दिखाई। छोटे और मझोले शेयरों में अपेक्षाकृत स्थिर कारोबार रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट रहकर 62,424 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मामूली 10 अंकों की गिरावट के साथ 19,287 पर बना रहा। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में घबराहट सीमित रही, लेकिन बड़े शेयरों में दबाव अधिक था।
सेंसेक्सवार कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, बीईएल और बजाज फिनसर्व के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई किए जाने से वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी आशंकाएं गहरा गई हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक स्तर पर निर्यात होने वाले लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल के परिवहन के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में यदि यहां किसी तरह की बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा है कि उसने नए सैन्य अभियान शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है जिनके जरिए वह अहम शिपिंग मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना सकता है। वहीं ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने मिसाइलों के जरिए ईरान के कुछ शहरों पर हमले किए हैं। इन घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में कारोबार मिलाजुला रहा। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजारों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि बैंकॉक और सोल के बाजार दबाव में रहे। अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स 0.77 प्रतिशत और नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर भी दिखाई दिया।
Share Market Updates: मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोमवार सुबह बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका सबसे अधिक असर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर देखने को मिला। वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
आज सुबह 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 472 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,672 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 122 अंक यानी 0.50 प्रतिशत टूटकर 24,221 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही निवेशकों की बिकवाली बढ़ी, जिससे वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
सेक्टोरल इंडेक्स की स्थिति
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा कमजोर रहे। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, रियल्टी, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और इंडिया डिफेंस इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। हालांकि, पीएसयू बैंक, फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल, ऑयल एंड गैस, कमोडिटीज, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों ने मजबूती दिखाई। छोटे और मझोले शेयरों में अपेक्षाकृत स्थिर कारोबार रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट रहकर 62,424 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मामूली 10 अंकों की गिरावट के साथ 19,287 पर बना रहा। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में घबराहट सीमित रही, लेकिन बड़े शेयरों में दबाव अधिक था।
सेंसेक्सवार कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, बीईएल और बजाज फिनसर्व के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई किए जाने से वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी आशंकाएं गहरा गई हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक स्तर पर निर्यात होने वाले लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल के परिवहन के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में यदि यहां किसी तरह की बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा है कि उसने नए सैन्य अभियान शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है जिनके जरिए वह अहम शिपिंग मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना सकता है। वहीं ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने मिसाइलों के जरिए ईरान के कुछ शहरों पर हमले किए हैं। इन घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में कारोबार मिलाजुला रहा। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजारों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि बैंकॉक और सोल के बाजार दबाव में रहे। अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स 0.77 प्रतिशत और नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर भी दिखाई दिया।
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