Middle East Tension से बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 2,497 अंक टूटा, निवेशकों के 12 लाख करोड़ डूबे, कच्चे तेल की आग ने बिगाड़ी बाजार की चाल
खबर सार :-
मध्य पूर्व संकट, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने भारतीय शेयर बाजार को गहरे झटके दिए हैं। निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है और बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी, इसलिए निवेशकों को सतर्क और रणनीतिक रुख अपनाने की जरूरत है।
खबर विस्तार : -
Stock Market crash Today: तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने से भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स-निफ्टी में 3% से ज्यादा की गिरावट
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक यानी 3.26% टूटकर 74,207.24 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक यानी 3.26% गिरकर 23,002.15 पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,950.95 तक और निफ्टी 22,930.35 तक फिसल गया था, जो दिन का निचला स्तर रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
भारतीय बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी गिरावट का असर दिखा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 3.19% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.94% गिरकर बंद हुए। इससे साफ है कि बाजार में बिकवाली हर स्तर पर हावी रही।
हर सेक्टर लाल निशान में, ऑटो और रियल्टी सबसे ज्यादा प्रभावित
भारतीय शेयर बाजार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा 4.25% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (3.81%), फाइनेंशियल सर्विसेज (3.78%), प्राइवेट बैंक (3.41%), आईटी (3.31%), मेटल (3.24%) और एफएमसीजी (2.53%) में गिरावट रही। यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर कमजोरी बनी हुई है।
चंद शेयरों को छोड़ बाकी सब ध्वस्त
निफ्टी50 में केवल ओएनजीसी का शेयर 1.55% की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा, जबकि बाकी सभी शेयरों में गिरावट देखी गई। श्रीराम फाइनेंस (6.71%), इटरनल (5.38%) और एचडीएफसी बैंक (5.11%) में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो, ग्रासिम और ट्रेंट जैसे दिग्गज शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई।
निवेशकों को भारी नुकसान, मार्केट कैप में बड़ी गिरावट
इस भारी गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 12 लाख करोड़ रुपए घट गया। कुल मार्केट कैप 438 लाख करोड़ रुपए से गिरकर करीब 426 लाख करोड़ रुपए रह गया। इससे लाखों निवेशकों की संपत्ति पर सीधा असर पड़ा है।
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