भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पहला चरण 4-5 दिनों में, निर्यात टैरिफ घटकर 18% होगा: पीयूष गोयल
खबर सार :-
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पहला चरण आने वाले 4-5 दिनों में सामने आ सकता है, जिसमें निर्यात टैरिफ 18 प्रतिशत रह जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह एफटीए भारत के आर्थिक आधुनिकीकरण और वैश्विक व्यापार में साख को बढ़ाएगा। भारत-जीसीसी एफटीए से निवेश, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।
खबर विस्तार : -
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबित ट्रेड डील का पहला चरण अगले 4-5 दिनों में सामने आ सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। उनका कहना है कि जैसे ही संयुक्त बयान और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी होंगे, अमेरिका में भारतीय निर्यात पर टैरिफ दर घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने अब तक आठ द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को पूरा किया है और अमेरिका के साथ किया जाने वाला यह व्यापारिक समझौता नौवां होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में साइन किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) देश के आधुनिकीकरण और वैश्विक व्यापार में भारत की साख को मजबूत करेंगे।
Trade Deal: छह जीसीसी देशों के साथ एफटीए का असर
गोयल ने आगे बताया कि भारत खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के साथ भी एक एफटीए के लिए संदर्भ की शर्तों पर जल्द हस्ताक्षर करने वाला है। यह लगभग दो दशकों से चल रही बातचीत के पुनः प्रारंभ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सभी छह जीसीसी देशों के साथ एफटीए नीतिगत पूर्वानुमान में सुधार लाएगा, निवेश को प्रोत्साहित करेगा और खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। विशेष क्षेत्रों जैसे फूड प्रोसेसिंग, पेट्रोकेमिकल्स और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को इस एफटीए से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। भारत और जीसीसी का वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 179 अरब डॉलर का है। मंत्री ने कहा कि भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक हित में एक प्रेरक शक्ति साबित होगा।
कृषि और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र के हितों की रक्षा
पीयूष गोयल ने लोकसभा में बताया कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और दुग्ध उत्पादों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की फरवरी 2025 की अमेरिका यात्रा के बाद भारत और अमेरिका नियमित रूप से व्यापारिक समझौते के लिए चर्चा कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता दोनों देशों के लिए संतुलित और पारस्परिक लाभकारी होगा। भारत के लिए यह एक बड़ा कदम है जो निर्यात को बढ़ावा देगा, निवेश को आकर्षित करेगा और आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
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