सर्राफा बाजार में मिलाजुला रुखः सोने की कीमत 700 रुपये बढ़ी, चांदी में 2500 रुपये की गिरावट
खबर सार :-
इस सप्ताह सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। जहां सोना हल्की मजबूती के साथ बंद हुआ, वहीं चांदी में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के उतार-चढ़ाव का सीधा असर कीमतों पर पड़ा। लंबी अवधि में दोनों धातुएं मजबूत रिटर्न दे चुकी हैं, लेकिन निकट भविष्य में निवेशकों को सतर्क और रणनीतिक रुख अपनाने की जरूरत है।
खबर विस्तार : -
Sarafa Bazaar News: सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। जहां सोना मजबूत बना रहा, वहीं चांदी में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों और ज्वेलर्स के लिए यह सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों का असर साफ दिखा।
India Bullion and Jewellers Association (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 687 रुपये बढ़कर 1,52,765 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जो पिछले सप्ताह इसी दिन 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसी तरह 22 कैरेट सोना 1,39,303 रुपये से बढ़कर 1,39,933 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,14,059 रुपये से बढ़कर 1,14,574 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
सप्ताह का उच्चतम और न्यूनतम स्तर
समीक्षा अवधि के दौरान सोने में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 11 फरवरी को 24 कैरेट सोने ने 1,57,322 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि 13 फरवरी को यह 1,52,751 रुपये प्रति 10 ग्राम के न्यूनतम स्तर तक फिसला। दूसरी ओर, चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली। एक हफ्ते में चांदी 2,496 रुपये सस्ती होकर 2,42,433 रुपये प्रति किलो पर आ गई, जबकि बीते सप्ताह इसका भाव 2,44,929 रुपये प्रति किलो था। 11 फरवरी को चांदी ने 2,66,449 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि 13 फरवरी को यह 2,42,433 रुपये प्रति किलो तक गिर गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में तेज हलचल देखी गई। अमेरिकी वायदा बाजार COMEX पर सोना 5,046.30 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जो 5,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर है। वहीं चांदी 77.96 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद कीमतों में मामूली स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की चाल और ब्याज दरों से जुड़े फैसले आगे भी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों को एक्सपर्ट्स की सलाह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सोने ने 70 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 140 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमती धातुएं अब भी आकर्षक विकल्प बनी हुई हैं। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाना बेहतर हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्तर पर सोना स्थिरता की ओर बढ़ता दिख रहा है, जबकि चांदी में अभी भी अस्थिरता बनी रह सकती है।
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