Fed के फैसले से Gold-Silver की चमक फीकी, कीमतों में तेज गिरावट से निवेशक चिंतित
खबर सार :-
फेडरल रिजर्व के फैसले ने सोने और चांदी के बाजार पर स्पष्ट दबाव डाला है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है। मजबूत डॉलर, बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की रणनीति बदल दी है। फिलहाल बाजार अस्थिर बना हुआ है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
खबर विस्तार : -
Gold Silver rate today: सर्राफा बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक दोनों कीमती धातुओं पर दबाव साफ नजर आया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया मौद्रिक नीति फैसला प्रमुख कारण है, जिसने वैश्विक निवेश धारणा को प्रभावित किया है।
एमसीएक्स पर सोना 950 रुपये से ज्यादा टूटा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:21 बजे सोने का 2 अप्रैल 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट 953 रुपये यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 1,52,072 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। कारोबार के दौरान सोना 1,51,712 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि 1,53,025 रुपये का उच्चतम स्तर भी दर्ज किया गया। यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों में भी सतर्कता बरत रहे हैं।
चांदी में भी तेज गिरावट, 1.59% टूटी कीमत
सोने के साथ-साथ चांदी में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 5 मई 2026 का चांदी वायदा कॉन्ट्रैक्ट 3,945 रुपये यानी 1.59 प्रतिशत गिरकर 2,44,249 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,43,083 रुपये का न्यूनतम और 2,45,387 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। यह गिरावट दर्शाती है कि औद्योगिक और निवेश दोनों मांगों में नरमी आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी सोना और चांदी दबाव में रहे। सोना करीब 0.92 प्रतिशत गिरकर 4,850 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2.42 प्रतिशत टूटकर 75.735 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। यह संकेत देता है कि गिरावट केवल घरेलू कारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी गहरा असर पड़ा है।
फेडरल रिजर्व का फैसला बना मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखना है। फेड ने लगातार दूसरी बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया और उन्हें 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखा। निवेशकों को उम्मीद थी कि इस बार दरों में कटौती होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे बाजार में निराशा फैल गई और कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ गई।

मजबूत डॉलर से कमजोर हुआ सोना
जब ब्याज दरें ऊंची या स्थिर रहती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। इसका सीधा असर सोने पर पड़ता है क्योंकि सोना एक गैर-ब्याज देने वाला निवेश है। मजबूत डॉलर के कारण सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है। यही कारण है कि हाल के सत्र में सोने और चांदी दोनों में दबाव देखने को मिला।
महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर
फेड के फैसले के पीछे बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताएं भी प्रमुख कारण हैं। अमेरिका में मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़कर 2.7 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से महंगाई बढ़ती है, जिसका असर सीधे तौर पर सोने और चांदी पर पड़ता है।
सर्राफा बाजार में भी गिरावट का रुख
घरेलू सर्राफा बाजार में भी आज गिरावट देखने को मिली। हाजिर सोने की कीमत में 320 से 350 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमजोरी आई।
24 कैरेट सोना 1,57,740 से 1,57,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार करता दिखा, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,590 से 1,44,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा।
चांदी में 10,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट
चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा गिरावट देखने को मिली। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी करीब 10,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई और 2,64,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है कि बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।

प्रमुख शहरों में सोने के भाव
देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिला:
दिल्ली: 24 कैरेट – 1,57,890 रुपये, 22 कैरेट – 1,44,740 रुपये
मुंबई: 24 कैरेट – 1,57,740 रुपये, 22 कैरेट – 1,44,590 रुपये
अहमदाबाद: 24 कैरेट – 1,57,790 रुपये, 22 कैरेट – 1,44,640 रुपये
चेन्नई और कोलकाता: 24 कैरेट – 1,57,740 रुपये, 22 कैरेट – 1,44,590 रुपये
लखनऊ और जयपुर: 24 कैरेट – 1,57,890 रुपये, 22 कैरेट – 1,44,740 रुपये
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पूरे देश में सोने की कीमतों में समान रूप से दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा स्थिति निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत देती है। बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और फेड की भविष्य की नीतियां ही आगे की दिशा तय करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होती है, तो सोने और चांदी में और गिरावट आ सकती है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर इनकी कीमतों में फिर उछाल भी संभव है।
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