फेड बैठक से पहले चमका सोना-चांदी, निवेशकों की नजरें वैश्विक संकेतों पर, ब्याज दरों और तेल कीमतों ने बढ़ाई हलचल
खबर सार :-
अमेरिकी फेड की बैठक से पहले सोने और चांदी में आई तेजी निवेशकों की सतर्कता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग को दर्शाती है। ब्याज दरों, महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों जैसे कारक आगे की दिशा तय करेंगे। फेड के फैसले के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर रणनीति बनानी चाहिए।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Rate Today: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अहम बैठक से ठीक पहले मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी गई। वैश्विक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों को लेकर चल रही अटकलों के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ता दिख रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं तेजी के साथ ट्रेड कर रही थीं।
एमसीएक्स पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1,061 रुपए यानी 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,56,797 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,56,649 रुपए का निचला स्तर और 1,56,996 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। यह संकेत देता है कि बाजार में मजबूती तो है, लेकिन कीमतें एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं। दूसरी ओर, चांदी में सोने की तुलना में अधिक तेजी देखी गई। 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 3,353 रुपए यानी 1.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,59,885 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,58,338 रुपए का न्यूनतम और 2,61,457 रुपए का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
फेड बैठक बनी बाजार की दिशा तय करने वाला कारक
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक है, जो 17 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च को समाप्त होगी। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर लिया गया फैसला वैश्विक बाजारों पर सीधा असर डालेगा। पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी का बड़ा कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद रही है। कम ब्याज दरों के माहौल में निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
तेल कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव का असर
वर्तमान समय में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया है। खासकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतों को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ा दिया है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। यदि फेड इस बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखता है या महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाता है, तो यह सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल सकता है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाते नजर आ रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश के रूप में आकर्षक बने हुए हैं। हालांकि, फेड के फैसले के बाद इनमें उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखें और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें।
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