महंगाई के नरम आंकड़ों से निवेशकों का भरोसा मजबूत, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतें
खबर सार :-
अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों और वैश्विक तनाव के बीच सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में चमके हैं। ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद और औद्योगिक मांग ने कीमती धातुओं को नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया है। आने वाले समय में भी अस्थिर वैश्विक माहौल के चलते इनमें उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती बनी रह सकती है।
खबर विस्तार : -
MCX Gold: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच धातुओं की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। इस सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को कीमती धातुओं ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। आज सोना और चांदी दोनों ही नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा, जिसका सीधा फायदा सोने और चांदी को मिला।
एमसीएक्स में सोने की कीमत
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बुधवार को सोने ने 1,43,500 रुपए प्रति 10 ग्राम का अब तक का सर्वोच्च स्तर छुआ। वहीं, चांदी भी 2,87,990 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। इससे पहले भी बीते कुछ कारोबारी सत्रों में दोनों धातुएं नए उच्च स्तर बना चुकी थीं, लेकिन बुधवार को इनमें फिर से तेज उछाल देखने को मिला। दोपहर करीब 12:16 बजे, एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,059 रुपए या 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह मार्च डिलीवरी वाली चांदी 9,942 रुपए या 3.61 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,85,129 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
महंगाई के आंकड़ों का असर
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े रहे। दिसंबर महीने के लिए अमेरिकी कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) में महीने-दर-महीने आधार पर महंगाई 0.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत रही, जो बाजार की उम्मीदों से कम थी। इससे यह संकेत मिला कि अमेरिका में महंगाई का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है और भविष्य में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। ब्याज दरों में संभावित कटौती का सीधा फायदा सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को मिलता है।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि कम महंगाई और रोजगार से जुड़े मिले-जुले आंकड़ों को देखते हुए अमेरिकी केंद्रीय बैंक जनवरी में ब्याज दरें स्थिर रख सकता है, लेकिन साल के दौरान दो से तीन बार दरों में कटौती संभव है। ऐसे माहौल में सोने और चांदी की मांग और बढ़ सकती है। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और तनाव की स्थिति ने कीमती धातुओं को मजबूत सहारा दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान में जारी अशांति और दुनिया के अन्य हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं। उनके मुताबिक, महंगाई का आंकड़ा उम्मीद से कम रहने से यह साफ संकेत मिला है कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।
सोने की कीमतों को मिल रहा मजबूत सपोर्ट
तकनीकी स्तरों की बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार सोने को 1,39,550 से 1,37,310 रुपए के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ऊपर की ओर 1,44,350 से 1,46,670 रुपए के बीच रेजिस्टेंस देखा जा सकता है। वहीं, चांदी के लिए 2,69,810 से 2,54,170 रुपए का स्तर सपोर्ट का काम कर रहा है और 2,79,810 से 2,84,470 रुपए के बीच रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार जानकारों का कहना है कि ईरान के अलावा वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से जुड़े तनाव भी सोने-चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने में मदद कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉलर में उतार-चढ़ाव और अमेरिका की सर्वोच्च अदालत के संभावित टैरिफ संबंधी फैसलों से पहले इस सप्ताह कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है।
चांदी की कीमतों में उछाल
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतें मजबूत उछाल के बाद शॉर्ट और मीडियम टर्म के औसत स्तर से काफी ऊपर बनी हुई हैं। इसकी एक बड़ी वजह सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ती औद्योगिक मांग और सीमित आपूर्ति है, जिसके चलते चांदी में खरीदारी का रुझान ज्यादा मजबूत बना हुआ है।
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