चीनी पटाखों की तस्करी पर डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, पांच करोड़ के पटाखे जब्त
खबर सार :-
मुंद्रा बंदरगाह पर डीआरआई द्वारा 5 करोड़ रुपये मूल्य के 30,000 चीनी पटाखे जब्त किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि आतिशबाजी की तस्करी अब भी सक्रिय है। प्रतिबंधित आयात किए जाने के बावजूद लगातार ऐसे प्रयास राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। डीआरआई की त्वरित कार्रवाई न केवल तस्करी पर रोक लगाने का प्रयास है, बल्कि इससे बड़े नेटवर्कों के खिलाफ भविष्य में और सख्त कदम उठाए जाने का संकेत भी मिलता है।
खबर विस्तार : -
DRI Action: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने चीन से हो रही पटाखों की अवैध तस्करी को फिर एक बार बड़ा झटका देते हुए 5 करोड़ रुपए की कीमत के 30,000 अवैध चीनी पटाखे जब्त कर लिए। इस पूरे मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को जारी जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई मुंद्रा बंदरगाह पर संचालित 'फायर ट्रेल' अभियान के तहत की गई, जिसे वित्त मंत्रालय की निगरानी में चलाया जा रहा है।
मुंद्रा बंदरगाह पर 40 फुट कंटेनर से मिला विस्फोटक सामान
डीआरआई अधिकारियों ने मुंद्रा बंदरगाह पर चीन से आए एक 40 फुट लंबे कंटेनर को संदिग्ध मानते हुए जांच की। कंटेनर में 'पानी का गिलास' और 'फूलदान' होने का दावा किया गया था, लेकिन निरीक्षण में अधिकारियों को पानी के गिलास के सेट के पीछे बड़ी मात्रा में छिपाए गए 30,000 आतिशबाजी उत्पाद मिले। पकड़े गए सभी पटाखे पूरी तरह अवैध थे और आयातक उनके लिए कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह तस्करी केवल आर्थिक लाभ के उद्देश्य से की जा रही थी। अधिकारियों ने तुरंत सामग्री जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पहले भी बड़े स्तर पर पकड़ी जा चुकी है तस्करी
डीआरआई ने बताया कि इससे पहले अक्टूबर महीने में भी मुंबई और तूतीकोरिन में चीनी पटाखों के अवैध आयात के कई प्रयास नाकाम किए गए थे। केवल अक्टूबर में डीआरआई की मुंबई जोन यूनिट (एमजेडयू) ने करीब 16 करोड़ रुपए मूल्य के अवैध पटाखे जब्त किए थे। लगातार बढ़ते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए मजबूर किया है।
कानूनी रूप से प्रतिबंधित है पटाखों का आयात
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेश व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में आता है। ऐसे उत्पादों के लिए डीजीएफटी और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) से लाइसेंस अनिवार्य है। बिना अनुमति ऐसे खतरनाक उत्पादों का आयात राष्ट्रीय सुरक्षा, बंदरगाहों, जहाजों और व्यापार तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। डीआरआई का कहना है कि वे तस्करी की इस खतरनाक श्रृंखला के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई करते रहेंगे और देश की सुरक्षा एवं आर्थिक हितों की रक्षा करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है।
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