2026 में मजबूत रहेगा भारतीय शेयर बाजार, कंपनियों की आय में सुधार की उम्मीद : रिपोर्ट
खबर सार :-
बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारतीय शेयर बाजार मजबूत बना रह सकता है। मजबूत घरेलू मांग, कम महंगाई, बेहतर कृषि उत्पादन और आरबीआई की आसान मौद्रिक नीति से कंपनियों की आय में सुधार की उम्मीद है। निर्यात में तेजी, स्थिर रुपया और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को और सहारा मिल सकता है।
खबर विस्तार : -
Share market growth report: साल 2026 में भारतीय शेयर बाजार की स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत घरेलू मांग, कम महंगाई, अच्छी फसल और सोने की कीमतों से बढ़ी लोगों की संपत्ति का सहारा मिलेगा। मंगलवार को जारी बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के टैक्स से जुड़े फैसलों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की आसान ब्याज दर नीतियों के कारण कंपनियों की कमाई में सुधार देखने को मिल सकता है। इससे अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे अच्छी रिकवरी होगी।
निर्यात में तेजी आने का अनुमान
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार से जुड़े सेक्टर, जैसे ऑटोमोबाइल और उपभोग (कंजम्प्शन) से जुड़े उद्योग, आगे बढ़ सकते हैं। वहीं, टैक्स और टैरिफ संबंधी अनिश्चितता कम होने और रुपए के स्थिर होने से निर्यात में तेजी आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2025 में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा। इसका कारण वैश्विक व्यापार शुल्क में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय तनाव और विदेशी निवेशकों द्वारा पैसा निकालना रहा। इसके बावजूद भारतीय बाजार मजबूत घरेलू आर्थिक स्थिति के चलते टिका रहा।
बाजार में स्थिरता औऱ बेहतर रिटर्न
लार्ज-कैप शेयरों ने बाजार को स्थिरता दी, जबकि मिड-कैप शेयरों ने करीब 5 प्रतिशत का रिटर्न दिया। वहीं, स्मॉल-कैप शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट आई। निवेशकों ने मजबूत बैलेंस शीट और भरोसेमंद कमाई वाली कंपनियों को ज्यादा पसंद किया। सितंबर 2025 में बाजार में गिरावट के बाद हर दो-तीन महीने में अलग-अलग सेक्टर आगे आते रहे। ऑटो सेक्टर ने करीब 21.7 प्रतिशत की बढ़त दिखाई। टैक्स में राहत, ड्यूटी कम होने और त्योहारी मांग से उपभोग सेक्टर को भी फायदा हुआ। हालांकि, निर्यात से जुड़े सेक्टर पीछे रह गए।
आईटी सर्विस सेक्टर में गिरावट
आईटी सर्विस सेक्टर पर टैरिफ की अनिश्चितता और अन्य कारणों का असर पड़ा और इसमें लगभग 13.7 प्रतिशत की गिरावट आई। रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी 50 ने साल 2025 में करीब 9 प्रतिशत का रिटर्न दिया। इस दौरान बाजार में डर और उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। इंडिया वीआईएक्स (जो बाजार के जोखिम को दिखाता है) जनवरी से मई के बीच छह बार 20 अंक के ऊपर गया और अप्रैल में 22.79 के स्तर तक पहुंचा। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की एक अन्य हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार, कंपनियों की कमाई बढ़ने की संभावना और विदेशी निवेशकों की वापसी से 2026 तक शेयर बाजार में और मजबूती आ सकती है।
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