2032 तक दोगुना होगा भारत-फिनलैंड व्यापार, 6 अरब यूरो तक पहुंचने का लक्ष्य
खबर सार :-
भारत-फिनलैंड व्यापार संबंध आने वाले दशक में नई दिशा लेने जा रहे हैं। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक रूप से बेहद अहम साबित हो सकता है। 2032 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि भारत और फिनलैंड के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगा।
खबर विस्तार : -
India Finland Vyapar : भारत और फिनलैंड के बीच आर्थिक रिश्ते आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविरता ने कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार 2032 तक दोगुना होकर 6 अरब यूरो तक पहुंच सकता है। वर्तमान में यह व्यापार लगभग 3 अरब यूरो का है। यह वृद्धि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के चलते संभव हो सकेगी।
भारत-ईयू एफटीए ऐतिहासिकः राजदूत लाहदेविरता
एक खास बातचीत में राजदूत लाहदेविरता ने भारत-ईयू एफटीए को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है, जो भारत या यूरोपीय संघ ने कभी किया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक स्तर पर मजबूत और भरोसेमंद साझेदारियों की जरूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। राजदूत के अनुसार, एफटीए के लागू होने से भारत और फिनलैंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। यह समझौता न केवल आर्थिक संबंधों को मजबूती देगा, बल्कि राजनीतिक सहयोग को भी एक नया आयाम प्रदान करेगा। उन्होंने इसे यूरोपीय संघ और भारत के रिश्तों में एक नए चरण की शुरुआत बताया।
एफटीए से सभी सेक्टर पैदा होंगे नए अवसर
लाहदेविरता ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता व्यवसायों के लिए एक अधिक पूर्वानुमानित, पारदर्शी और खुला ढांचा तैयार करेगा। इससे दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों में निवेश बढ़ाने और अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। यह भी बताया कि एफटीए से टेक्नोलॉजी, सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन जैसे अहम क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। खासतौर पर डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
दीर्घकालिक साझेदारी
राजदूत ने जोर देते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक संबंध, व्यापक यूरोपीय संघ-भारत ढांचे के तहत फिनलैंड और भारत के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को और गहराई देंगे। इससे व्यापार के साथ-साथ निवेश, रिसर्च और नॉलेज शेयरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का ऐलान 27 जनवरी को किया गया था। दोनों पक्षों ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’ का नाम दिया है, जो इसकी व्यापकता और महत्व को दर्शाता है।
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