भारत में एप्पल की रिकॉर्ड कमाई, टिम कुक बोले- हर क्षेत्र में बनाया नया इतिहास, iPhone और Mac की बिक्री ने भरी उड़ान
खबर सार :-
भारत में एप्पल की लगातार रिकॉर्ड कमाई यह साबित करती है कि देश प्रीमियम टेक्नोलॉजी बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है। मजबूत मांग, संतुलित मूल्य निर्धारण और व्यापक इकोसिस्टम के दम पर कंपनी ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत एप्पल की वैश्विक ग्रोथ का सबसे महत्वपूर्ण इंजन बन सकता है।
खबर विस्तार : -
Apple Revenue Q2 2026: भारत एप्पल के लिए लगातार सबसे अहम बाजारों में शामिल होता जा रहा है। कंपनी ने जून तिमाही में एक बार फिर देश में रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है। एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक ने कहा कि भारत समेत दुनिया के सभी प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में कंपनी ने जून तिमाही के दौरान अब तक का सबसे अधिक राजस्व हासिल किया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली, जब वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियां और विदेशी मुद्रा से जुड़े उतार-चढ़ाव कंपनी के सामने बड़ी बाधा बने हुए थे।
जून तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 109.4 अरब डॉलर
एप्पल के ताजा वित्तीय नतीजों के मुताबिक, कंपनी ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का कुल राजस्व दर्ज किया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा, जिसमें टैरिफ रिफंड से लगभग दो प्रतिशत अंक का अतिरिक्त लाभ शामिल है। वहीं प्रति शेयर डाइल्यूटेड अर्निंग 2.02 डॉलर रही, जो सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। इसमें 0.11 डॉलर प्रति शेयर का लाभ टैरिफ रिफंड से मिला।
मैकबुक नियो और मैकबुक प्रो की मांग उम्मीद से कहीं अधिक
टिम कुक ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी ने अमेरिका, लैटिन अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, भारत, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित हर प्रमुख बाजार में जून तिमाही का नया राजस्व रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में ग्राहकों की मजबूत मांग और प्रीमियम उत्पादों की लोकप्रियता ने कंपनी के प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। भारत का जिक्र करते हुए टिम कुक ने कहा कि देश में एप्पल ने लगातार एक और रिकॉर्ड तिमाही दर्ज की है। इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान मैक श्रेणी का रहा, जहां मैकबुक नियो और मैकबुक प्रो की मांग उम्मीद से कहीं अधिक रही। इसके साथ ही आईफोन 17 सीरीज की मजबूत मांग ने भी बिक्री को नई गति दी। दिलचस्प बात यह रही कि सीमित सप्लाई के बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ और प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री मजबूत बनी रही।
बड़ी संख्या में नए ग्राहकों ने पहली बार मैक खरीदा
वैश्विक स्तर पर मैक कारोबार ने भी नया इतिहास बनाया। जून तिमाही में मैक का राजस्व 10.4 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे मजबूत जून तिमाही प्रदर्शन माना जा रहा है। एप्पल के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे नए मैकबुक मॉडल और पेशेवर उपयोगकर्ताओं की बढ़ती मांग प्रमुख कारण रहे। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) केवन पारेख ने बताया कि इस तिमाही में बड़ी संख्या में नए ग्राहकों ने पहली बार मैक खरीदा। इसके अलावा पुराने उपयोगकर्ताओं ने भी अपने डिवाइस अपग्रेड किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन और भारत जैसे बड़े बाजारों में मैक की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कंपनी को लंबी अवधि की वृद्धि का भरोसा मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल की रणनीति केवल नए उत्पाद लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी ने मूल्य निर्धारण को भी संतुलित रखा है। इंडस्ट्री विश्लेषकों के अनुसार, मेमोरी और अन्य कंपोनेंट्स की लागत बढ़ने के बावजूद एप्पल ने अधिकांश उत्पादों की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं किया। इससे ग्राहकों का भरोसा कायम रहा और बिक्री पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा।
2026 में एप्पल की यूनिट बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की संभावना
काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान भारत में एप्पल की यूनिट बिक्री सिंगल डिजिट की दर से बढ़ सकती है, जबकि मूल्य के लिहाज से डबल डिजिट ग्रोथ की संभावना बनी हुई है। उनका मानना है कि भविष्य में आईफोन की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इससे ब्रांड की लोकप्रियता पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। एप्पल का मजबूत इकोसिस्टम लगातार नए ग्राहकों को आकर्षित करता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां बढ़ती कंपोनेंट लागत के कारण कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो सकती हैं। इसके मुकाबले एप्पल अपने प्रीमियम हार्डवेयर पोर्टफोलियो के दम पर बाजार में बेहतर प्रदर्शन जारी रख सकता है। यही वजह है कि आने वाले समय में भी कंपनी का फोकस भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों पर बना रहेगा। भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन और पर्सनल कंप्यूटिंग डिवाइस की बढ़ती मांग एप्पल के लिए बड़े अवसर लेकर आई है। स्थानीय रिटेल विस्तार, ऑनलाइन बिक्री और प्रोडक्ट इकोसिस्टम की लोकप्रियता कंपनी को नए ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद कर रही है। यही कारण है कि भारत अब केवल एक उभरता बाजार नहीं, बल्कि एप्पल की वैश्विक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
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