मोदी सरकार के बजट की अमेरिका में तारीफ, एक्सपर्ट्स बोले-“मैन्युफैक्चरिंग क्रांति की नींव, करोड़ों नौकरियों के अवसर बनेंगे ”
खबर सार :-
अमेरिकी विशेषज्ञों की राय बताती है कि भारत का बजट वैश्विक स्तर पर भरोसा पैदा करने में सफल रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस भारत की आर्थिक ताकत को नई ऊंचाई दे सकता है। अगर मैन्युफैक्चरिंग को और ठोस समर्थन मिला, तो भारत न सिर्फ विकास में आगे बढ़ेगा, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
खबर विस्तार : -
Budget 2026: भारत के आम बजट को लेकर अमेरिका से बेहद उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अमेरिकी अर्थशास्त्रियों और बिजनेस लीडर्स ने इस बजट को भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, निवेश और वैश्विक व्यापार के लिहाज़ से सही दिशा में उठाया गया मजबूत कदम बताया है। उनका मानना है कि यह बजट न सिर्फ आर्थिक स्थिरता को बढ़ाता है, बल्कि भारत को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की क्षमता भी रखता है।
मोदी के नेतृत्व में भारत का प्रदर्शन स्वाभाविकः स्टीव हैंके
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री स्टीव हैंके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की नीतियां व्यापार और विकास को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हो रहा है। हैंके ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान का हवाला देते हुए कहा कि 2025 से 2030 के बीच भारत की औसत वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर करीब 6.45 फीसदी रहने की संभावना है, जो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बेहतर मानी जा सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस पर फोकस
अमेरिका स्थित भारतीय-अमेरिकी कंसल्टेंसी फर्म ‘अमृत’ की सीईओ गुंजन बागला ने बजट को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के नजरिए से एक “ग्रॉथ-ओरिएंटेड” दस्तावेज बताया। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में करीब 9 फीसदी की बढ़ोतरी को अहम कदम करार दिया। उनके मुताबिक, इससे लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन में सुधार होगा, जिससे भारत का विदेशी व्यापार और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा। साथ ही रक्षा बजट में 15 फीसदी की बढ़ोतरी को उन्होंने भारत की सैन्य तैयारी और रणनीतिक मजबूती के लिए जरूरी बताया।
मैन्युफैक्चरर्स को समर्थन की जरूरत
गुंजन बागला ने यह भी माना कि बजट में मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह अभी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को सभी सेक्टर्स में ज्यादा तेज़ी से सपोर्ट देने की जरूरत है। उनका यह भी मानना है कि सही पॉलिसी फ्रेमवर्क और इंसेंटिव्स दिए जाएं, तो भारतीय फैक्ट्रियां चीन जैसी अर्थव्यवस्थाओं से प्रभावी मुकाबला कर सकती हैं। पिछले दो दशकों में भारतीय उद्यमियों ने कई सफल कंपनियां खड़ी की हैं और आगे भी कई कंपनियां ग्लोबल प्लेयर बन सकती हैं।
मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर, करोड़ों नौकरियां
अमेरिकी विशेषज्ञों का साफ कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भारत में करोड़ों नई नौकरियां पैदा कर सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत को सिर्फ एक तेजी से बढ़ता बाजार नहीं, बल्कि एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर के तौर पर देखने का समय आ गया है।
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