UP Foundation Day: उत्तर प्रदेश आज 76 साल का हो गया है। हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसे यूपी दिवस भी कहा जाता है। हालांकि, यह खास दिन को पहली बार आधिकारिक तौर पर 2018 में मनाया गया था। 24 जनवरी, 1950 को यूनाइटेड प्रोविंस का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया, जिससे राज्य को एक नई पहचान मिली।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं और बधाई दीं। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य, अपनी अपार संभावनाओं के साथ, संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़कर 'बीमारू' राज्य से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन गया है। शनिवार को एक वीडियो संदेश में सीएम योगी ने कहा, "उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ही भारत की संस्कृति, साहित्य, संगीत, कला और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। अयोध्या की गरिमा, काशी की शाश्वत चेतना, ब्रज धाम की भक्ति और प्रयागराज की सद्भावना ने सदियों से भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की है। अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोते हुए, हमारा राज्य इस अमृत काल में समावेशी विकास के संकल्प को ज़मीन पर उतार रहा है।"
उन्होंने कहा, "अटूट संकल्प के साथ, हमने कानून का राज और सुशासन स्थापित किया है।" उन्होंने आगे कहा कि श्रम सुधार, MSMEs, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसे कार्यक्रमों ने राज्य को स्थानीय से वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है, जिससे बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा हुआ है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों से कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हो गई हैं। ज़मीन, पानी और हवा में शानदार कनेक्टिविटी ने व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के प्रयासों से कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हेल्थकेयर सर्विसेज के विस्तार और सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में हुई ज़बरदस्त तरक्की ने नई प्रेरणा और आत्मविश्वास दिया है।
वर्तमान का उत्तर प्रदेश 1807 में ‘सीडेड एंड कॉन्कर्ड प्रोविंस’ के नाम से जाना जाता था। फिर 1834 में इसे ‘आगरा प्रेसिडेंसी’ और 1836 में ‘उत्तर-पश्चिम प्रांत’ नाम मिला। 1902 में उत्तर-पश्चिमी प्रांतों का नाम बदलकर आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत कर दिया गया। जबकि 1902 में अवध और आगरा को मिलाकर ‘यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा एंड अवध’ कहा गया, जिसे 1946 में संक्षेप में ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ कर दिया गया। फिर स्वतंत्र भारत में 24 जनवरी 1950 को इसका नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ रखा गया और 2000 में इसके पर्वतीय हिस्से से ‘उत्तराखंड’ राज्य बना। इसे आम तौर पर यूपी कहा जाता था।
1920 में, राज्य की राजधानी प्रयागराज से लखनऊ शिफ्ट कर दी गई। जबकि राज्य का हाई कोर्ट प्रयागराज में ही रहा, और हाई कोर्ट की एक बेंच लखनऊ में स्थापित की गई। 24 जनवरी, 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया। तब से उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। मई 2017 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की कि यूपी दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाएगा। यह प्रस्ताव राज्यपाल राम नाइक ने दिया था।
अन्य प्रमुख खबरें
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में तीन बाघों की एक साथ चहलकदमी, वीडियो हुआ वायरल
ग्राम रथ अभियान की शुरुआत: एलईडी मोबाइल वैन से गांव-गांव पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी
PM Modi Varanasi Visit: अविनाशी काशी आज विकास के नए अध्याय की साक्षी बनेगी, बोले सीएम योगी
लिपिकीय सेवा विधेयक 2026 पारित, ग्रुप डी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले
शाहजहांपुर में तालाब में डूबने से युवक की मौत, डेढ़ घंटे बाद मिला शव
पुलिस का सराहनीय कार्य: आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला को बचाया, मिला सम्मान
गौ-सम्मान दिवस घोषित करने की मांग, राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी ने सौंपा ज्ञापन
Bharatmala Pariyojana: CG में क्या है पूरा प्रोजेक्ट, जमीन कारोबारी के ठिकानों पर ईडी की रेड
गौ सम्मान आह्वान अभियान: शाहपुरा में भव्य रैली, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांग
Muzaffarnagar: एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने महिला आरक्षियों को किया संबोधित, दिया ये संदेश
रोडवेज बस की चपेट में आने से आठ वर्षीय बच्ची की मौत, ग्रामीणों ने किया विरोध
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर बड़ा हादसा, कार-ट्रैक्टर ट्राॅली की भिड़ंत में 5 की मौत