झांसी: बुंदेलखंड के प्रमुख धार्मिक स्थल ओरछा और झांसी महानगर के बीच यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) ने ओरछा-झांसी रोड के चौड़ीकरण के मार्ग में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर लिया है। एनओसी (NOC) मिलने के साथ ही अब इस महत्वपूर्ण मार्ग के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी।
मध्य प्रदेश की ओरछा नगरी, जिसे 'बुंदेलखंड की अयोध्या' कहा जाता है, भगवान रामराजा सरकार के मंदिर के कारण विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ केवल झांसी ही नहीं, बल्कि देशभर से वीआईपी और आम श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। हाल के वर्षों में ओरछा एक बड़े 'डेस्टिनेशन मैरिज हब' के रूप में भी उभरा है। शानदार हेरिटेज होटल्स और फाइव स्टार रिसॉर्ट्स की मौजूदगी के कारण यहाँ पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है। वर्तमान में झांसी से ओरछा तिगैला तक की सड़क काफी संकरी है। मऊरानीपुर और खजुराहो जाने वाले वाहनों का बोझ भी इसी मार्ग पर रहता है। शादी-विवाह के सीजन में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जहाँ घंटों लंबे जाम में लोग फंसे रहते हैं। नए मैरिज गार्डन्स बनने से यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है, जिसे देखते हुए इस सड़क का विस्तार अनिवार्य हो गया था।
झांसी विकास प्राधिकरण ने इस पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये का एक विस्तृत बजट खाका तैयार किया है। शासन स्तर से इस भारी-भरकम राशि की औपचारिक स्वीकृति और हरी झंडी मिलने के बाद अब विभाग ने निर्माण कार्य की जमीनी तैयारियों को बेहद तेज कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के तकनीकी स्वरूप की बात करें तो वर्तमान संकरी सड़क का कायाकल्प करते हुए इसे कुल 15 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इस योजना के तहत यात्रियों की सुविधा और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर सात-सात मीटर की चौड़ी लेन निर्मित की जाएगी।
सड़क सुरक्षा के मानकों को प्राथमिकता देते हुए जेडीए ने दोनों दिशाओं के ट्रैफिक को विभाजित करने के लिए बीच में एक मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाने का भी निर्णय लिया है। यह पूरा निर्माण कार्य झांसी के रिसाला चुंगी क्षेत्र से शुरू होकर ओरछा तिगैला तक के पूरे हिस्से को कवर करेगा। इस चौड़ीकरण से न केवल वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि डिवाइडर होने के कारण आमने-सामने की टक्करों और सड़क हादसों में भी भारी कमी आएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस 45 करोड़ की लागत से बनने वाले मार्ग को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए ताकि भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक के दबाव को भी आसानी से झेला जा सके।
इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण की राह में सबसे बड़ी तकनीकी अड़चन वन विभाग और छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) की भूमि का स्वामित्व था। चूंकि प्रस्तावित विस्तार के दायरे में इन दोनों विभागों की जमीनें आ रही थीं, इसलिए बिना इनकी अनापत्ति के काम शुरू करना असंभव था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए विधान परिषद सदस्य रामतीर्थ सिंघल ने शासन के उच्च सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी रिसाला चुंगी से ओरछा तिगैला तक सड़क चौड़ी करने की योजना बनाई थी और आवश्यक सर्वे भी पूरा कर लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह फाइल सरकारी दफ्तरों में ही अटकी रह गई।
अब झांसी विकास प्राधिकरण ने इसी पुरानी सर्वे रिपोर्ट को आधार बनाकर एक नया और प्रभावी प्रस्ताव तैयार किया, जिसे शासन ने अपनी मंजूरी दे दी है। जेडीए ने सक्रियता दिखाते हुए वन विभाग और छावनी परिषद से सभी आवश्यक एनओसी (NOC) प्राप्त कर ली हैं, जिससे अब निर्माण कार्य के आड़े आने वाले सभी कानूनी और विभागीय रोड़े हट गए हैं। इस संबंध में झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आलोक यादव का कहना है कि रिसाला चुंगी से ओरछा तिगैला तक का रास्ता संकरा होने के कारण श्रद्धालुओं और आम जनता को आए दिन भीषण जाम का सामना करना पड़ता था। जनप्रतिनिधियों के निरंतर प्रयासों और जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जेडीए ने अब इस सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन से बजट और अनुमति मिलने के बाद अब बहुत जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द धरातल पर उतारकर लोगों को जाम की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाई जा सके।
इस रोड के चौड़ीकरण से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि झांसी और ओरछा के बीच विकसित हो रहे नए व्यापारिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। सड़क चौड़ी होने से होटल इंडस्ट्री और पर्यटन व्यवसाय में भारी उछाल आने की उम्मीद है। शासन के इस फैसले का स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने स्वागत किया है।
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