यूपी के एमएसएमई के लिए खुलेंगे वैश्विक बाजार के द्वार, वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से मिलेगी नई उड़ान

खबर सार :-
उत्तर प्रदेश सरकार और वॉलमार्ट के बीच हुए एमओयू से एमएसएमई को डिजिटल, ई-कॉमर्स और वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल। जानिए वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम की पूरी जानकारी।

यूपी के एमएसएमई के लिए खुलेंगे वैश्विक बाजार के द्वार, वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से मिलेगी नई उड़ान
खबर विस्तार : -

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निर्यात को गति देने और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के उद्देश्य से एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो (ईपीबी) और वॉलमार्ट इंक के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। यह एमओयू वॉलमार्ट के “वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम” के अंतर्गत आइडियाज टू इंपैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से किया गया है। यह समझौता गैर-वित्तीय प्रकृति का है और तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।

एमएसएमई को वैश्विक वैल्यू चेन का हिस्सा बनाने की कवायद

इस साझेदारी के तहत उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन और निर्यात प्रक्रियाओं से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्यमियों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रखते हुए उन्हें वैश्विक वैल्यू चेन का हिस्सा बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल ऑनबोर्डिंग के जरिए ई-कॉमर्स के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि वे सीमा-पार व्यापार में प्रभावी भागीदारी कर सकें। वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम में चयनित उद्यमियों को बिना किसी शुल्क के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी उत्पादक क्षमता और बाजार समझ में सुधार होगा।

प्रदेश तेजी से निर्यात और ई-कॉमर्स केंद्र के रूप में उभर रहा

योगी सरकार की उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 में ई-कॉमर्स आधारित निर्यात को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति के तहत पहली बार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पाद सूचीबद्ध करने वाले निर्यातकों को राज्य सरकार द्वारा 75 प्रतिशत तक शुल्क प्रतिपूर्ति, अधिकतम तीन लाख रुपये तक, प्रदान की जा रही है। इससे छोटे उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार में प्रवेश की लागत और चुनौतियां काफी हद तक कम होंगी। एमओयू हस्ताक्षर समारोह में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन तथा एनआरआई विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के एक प्रमुख निर्यात और ई-कॉमर्स केंद्र के रूप में उभर रहा है। एमएसएमई राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं और यह साझेदारी उन्हें नए बाजारों, बेहतर तकनीक और वैश्विक पहचान से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।

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