लखनऊ : उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'निवेश मित्र 3.0' पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलते हुए निवेशकों के बैंक खातों में 2,781.11 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि (Incentive) सीधे डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निवेशकों का अटूट विश्वास ही राज्य सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्यक्रम के दौरान 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए 85 लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) और पात्रता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की अवधारणा को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए 'निवेश मित्र 3.0' पोर्टल का शुभारंभ किया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी साबित होगा। इस नई व्यवस्था के तहत सरकार ने निवेश प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है, जिसमें 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को एकीकृत कर उन्हें 200 से भी कम अनिवार्य सेवाओं तक सीमित कर दिया गया है।
अब निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट की प्रगति जानने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, क्योंकि यह पोर्टल आवेदन से लेकर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने तक की पूरी 'इन्वेस्टर जर्नी' की 'एंड-टू-एंड' ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा देता है। तकनीक को प्राथमिकता देते हुए इसे नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम, आईजीआरएस (IGRS) और निवेश सारथी जैसे महत्वपूर्ण पोर्टल्स के साथ पूरी तरह जोड़ दिया गया है। सुरक्षा और त्वरित समाधान के लिए इसमें एआई-इनेबल्ड चैटबॉट, ऑटोमेटेड अलर्ट्स और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं, जो निवेशकों को एक बाधा रहित और 'स्मार्ट' अनुभव प्रदान करेंगी।

औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना-2026’ का भी शुभारंभ किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अब निवेशकों को जमीन और बुनियादी ढांचे के लिए भटकना नहीं होगा। सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी और निवेशक 'प्लग एंड प्ले' मोड पर अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह एक रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल होगा, जिससे उद्यमी और सरकार दोनों लाभान्वित होंगे।" उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब इंडस्ट्री का मास्टरप्लान ही 'लैंड यूज सर्टिफिकेट' माना जाएगा, जिससे धारा-80 की जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी।

आज जारी किए गए 85 लेटर ऑफ कम्फर्ट के माध्यम से मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के 50 हजार नौजवानों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाएं पैदा होंगी।


विगत सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012-17 के बीच केवल 16 एलओसी जारी हुई थीं, जबकि उनकी सरकार ने 3,367 एलओसी जारी की हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उद्योग जगत को परेशान करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति निवेश के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर रही है। उत्तर प्रदेश अब भारत के 'फूड बास्केट' से आगे बढ़कर 'इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हब' के रूप में उभर रहा है। मोबाइल और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में यूपी की हिस्सेदारी क्रमशः 55% और 65% तक पहुंच गई है। निवेश मित्र 3.0 और नई व्यापारिक नीतियों के साथ योगी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए दुनिया का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनने की राह पर है।
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