Sultanpur Cyber ​​Crime Action : 333 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 7 अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार

खबर सार :-
Sultanpur Cyber ​​Crime Action : सुल्तानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। रामपुर पुलिस के सहयोग से 333 करोड़ से अधिक की राशि वाले खाते फ्रीज।

Sultanpur Cyber ​​Crime Action : 333 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 7 अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

Sultanpur Cyber ​​Crime Action : साइबर क्राइम पुलिस और रामपुर पुलिस की सतर्कता से देश के सबसे बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क में से एक का खुलासा हुआ है। पुलिस ने असम, मुंबई और पश्चिम बंगाल से जुड़े इस गिरोह के सात शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए 333 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई से न सिर्फ एक बड़े साइबर नेटवर्क की कमर टूटी है, बल्कि समय रहते कई पीड़ितों की मेहनत की कमाई भी सुरक्षित हो सकी है। मामले का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने किया, जिन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से एक ही तरीके से अलग-अलग राज्यों में लोगों को ठग रहा था।

Sultanpur Cyber ​​Crime Action : क्लोनिंग ऐप और फर्जी निवेश कंपनी बनाकर दिया जाता था मुनाफे का लालच

जांच में सामने आया कि आरोपी क्लोनिंग ऐप के जरिए फर्जी निवेश कंपनियां तैयार करते थे और सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को शेयर बाजार और क्रिप्टो निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देते थे। विश्वास जीतने के बाद पीड़ितों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी, जिसे तुरंत अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में भेज दिया जाता था। अमेठी निवासी एक व्यक्ति से 85 लाख रुपये और लखनऊ के एक अन्य पीड़ित से 1.85 करोड़ रुपये की ठगी इसी तरीके से की गई थी। ट्रांजैक्शन ट्रेल की गहन जांच के बाद रकम के असम से जुड़े खातों में पहुंचने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस टीम ने बाहर जाकर दबिश दी।

Sultanpur Cyber ​​Crime Action : रामपुर पुलिस की तत्परता से मिली सफलता, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

रामपुर पुलिस की त्वरित सूचना और तकनीकी समन्वय से कार्रवाई को निर्णायक दिशा मिली, जिसके बाद सुल्तानपुर साइबर क्राइम और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े अहम सबूत बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही करोड़ों रुपये की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े खातों की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं, जिससे साइबर अपराध के खिलाफ चल रही इस बड़ी मुहिम को और मजबूती मिलेगी।

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