Shahjahanpur News : पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा ने खिरनी बाग धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय का आश्वासन दिया

खबर सार :-
Shahjahanpur News : पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा ने खिरनी बाग रामलीला मैदान में धरने पर बैठे राम गुलेश परिवार से मुलाकात कर न्याय का आश्वासन दिया। मामले में न्याय न मिलने पर प्रशासन पर सवाल उठे।

Shahjahanpur News : पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा ने खिरनी बाग धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय का आश्वासन दिया
खबर विस्तार : -

Shahjahanpur News : खिरनी बाग रामलीला मैदान में न्याय की आस लिए बैठे पीड़ित परिवारों के लिए बुधवार को एक उम्मीद की किरण आई। पूर्व मंत्री अवधेश कुमार वर्मा अचानक धरना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनका मामला प्रशासन के संज्ञान में है और न्याय सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

पीड़ित परिवार की न्याय की गुहार

धरना स्थल पर बैठे राम गुलेश और उनका परिवार प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं। राम गुलेश का आरोप है कि स्थानीय दबंगों ने उनकी ट्रैक्टर-ट्राली जबरन कब्जे में ली और उनके पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया। राम गुलेश ने कहा, "मुकदमा दर्ज होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे हमारा परिवार भय और असुरक्षा महसूस कर रहा है।" उन्होंने एसडीएम जलालाबाद पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। राम गुलेश ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करता है, तो वे दो दिन बाद पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।

पूर्व मंत्री का आश्वासन और धरना स्थल का माहौल

पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी करेंगे और प्रशासन से जल्द न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। उनके धरना स्थल पर आने से पीड़ित परिवार में थोड़ी राहत की भावना देखी गई। धरना स्थल पर मौजूद अन्य लोग भी पूर्व मंत्री के आश्वासन को स्वागत योग्य मानते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सवाल

हालांकि, राम गुलेश और उनके परिवार का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि न्याय जल्दी नहीं मिला, तो उनकी लड़ाई और कड़ा रूप ले सकती है। यह मामला न केवल शाहजहांपुर जिले में स्थानीय प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है, बल्कि छोटे किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण सबक देता है।

अन्य प्रमुख खबरें