जम्मू-कश्मीर की सेहत पर भारी संकट: स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार पद खाली

खबर सार :-
स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार रिक्त पद जम्मू-कश्मीर की चिकित्सा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी स्टाफ की कमी से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। यदि सरकार भर्ती प्रक्रिया को तेज कर सभी स्वीकृत पदों को भरती है, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

जम्मू-कश्मीर की सेहत पर भारी संकट: स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार पद खाली
खबर विस्तार : -

J&K Health Department News: जम्मू-कश्मीर की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली गंभीर मानव संसाधन संकट से गुजर रही है। बुधवार को सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया कि केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में करीब 10 हजार पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन रिक्तियों का सीधा असर अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।

बडगाम विधायक आगा मुंतजिर मेहदी के प्रश्न के लिखित उत्तर में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बड़े पैमाने पर स्वीकृत पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों का ब्यौरा

सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू में 538 राजपत्रित और 904 गैर-राजपत्रित पद खाली हैं। वहीं, जीएमसी श्रीनगर में 434 राजपत्रित और 174 गैर-राजपत्रित पदों की कमी है, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। उत्तर कश्मीर के जीएमसी बारामूला में 1,304 स्वीकृत पदों में से 431 पद रिक्त हैं, जबकि दक्षिण कश्मीर के जीएमसी अनंतनाग में 1,098 में से 424 पद खाली पड़े हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है। जीएमसी राजौरी में 125 संकाय पदों की कमी है, जबकि जीएमसी उधमपुर में 799 स्वीकृत पदों में से 668 पद अब तक भरे नहीं जा सके हैं।

परिवार कल्याण विभाग में भी स्टाफ की भारी कमी

परिवार कल्याण विभाग भी स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है, जहां 2,276 स्वीकृत पदों में से 573 पद रिक्त हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय कश्मीर (DHSK) में 388 राजपत्रित और 2,797 गैर-राजपत्रित पद खाली हैं, जिससे घाटी में प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। जम्मू संभाग में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHSJ) के तहत 1,489 पद रिक्त बताए गए हैं। मंत्री सकीना इटू ने कहा कि इन पदों को भरने से न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूती मिलेगी, बल्कि केंद्र शासित प्रदेश के हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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