क्षारसूत्र विधि द्वारा इलाज के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का होगा आयोजन

खबर सार :-
श्रीगंगानगर में  निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर के जरिए क्षारसूत्र विधि से अर्श एवं भगन्दर रोगों का इलाज किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. कृष्ण चन्द्र अरोड़ा ने इसके बारे में जानकारी दी है।

क्षारसूत्र विधि द्वारा इलाज के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का होगा आयोजन
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगर: राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से अर्श एवं भगन्दर (बवासीर एवं फिस्टुला) रोगों के उपचार हेतु क्षारसूत्र विधि से निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सनातन धर्म एल ब्लॉक हनुमान मंदिर परिसर में दिनांक 28 जनवरी 2026 से प्रारंभ होगा। शिविर का उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन एवं प्रभावी क्षारसूत्र चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों को सुरक्षित, सुलभ एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।

 उपनिदेशक ने दी जानकारी

आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. कृष्ण चन्द्र अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में क्षारसूत्र विधि से शल्य चिकित्सा के लिए निदेशालय आयुर्वेद विभाग द्वारा नागौर से प्रसिद्ध क्षारसूत्र विशेषज्ञ डॉ. पंकज पोटलिया एवं डॉ. हरवीर सिंह की सेवाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। दोनों विशेषज्ञों को इस क्षेत्र में दीर्घकालीन अनुभव प्राप्त है, जिससे रोगियों को उच्च गुणवत्ता का उपचार मिल सकेगा।

जिला कलक्टर ने ली जानकारी

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने शिविर से संबंधित नवीनतम गतिविधियों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में अधिक से अधिक रोगियों को लाभान्वित किया जाए तथा शिविर से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ निर्धारित समयावधि में पूर्ण की जाएँ। रोगियों की सुविधा हेतु ओपीडी, जांच, भर्ती एवं उपचार के लिए जिले के विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी एवं नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी भी लगाई गई है।

शिविर को सफल बनाने के लिए मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिकाधिक जरूरतमंद रोगी इस निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकें।

निःशुल्क मिलेंगी सभी सुविधाएं

शिविर प्रभारी डॉ. राजकुमार पारीक ने बताया कि दिनांक 28 एवं 29 जनवरी 2026 को रोगियों की आवश्यक चिकित्सकीय जांच कर उन्हें भर्ती किया जाएगा। इसके पश्चात आगामी दिनों में भर्ती रोगियों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा क्षारसूत्र विधि से उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह उपचार आयुर्वेदिक औषधियों से निर्मित विशेष धागे के माध्यम से किया जाता है, जो सुरक्षित एवं प्रभावी माना जाता है।

शिविर में रोगियों के लिए उपचार के साथ-साथ पथ्य आहार, रहने की व्यवस्था एवं आवश्यक औषधियाँ पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएँगी। यह शिविर अर्श एवं भगन्दर से पीड़ित रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगा।

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