शहीदे आज़म भगत सिंह की जयंती पर नाटक कार्यक्रम आयोजित, युवाओं को किया जागरूक

खबर सार :-
'नशामुक्त श्री गंगानगर' अभियान के तहत, शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती के अवसर पर सिद्धूवाला गाँव में नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के लिए एक नाट्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

शहीदे आज़म भगत सिंह की जयंती पर नाटक कार्यक्रम आयोजित, युवाओं को किया जागरूक
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः जिला कलक्टर डॉ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के अंतर्गत गांव सिद्धूवाला में शहीदे आज़म भगत सिंह की जयंती पर विशेष नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करना था।

नशे के खिलाफ किया गया जागरूक

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने कहा कि भगत सिंह ने कहा था कि “बम और पिस्तौल क्रांतियां नहीं लाते, क्रांति विचार लाते हैं।” उन्होंने युवाओं को यह संदेश दिया कि असली शक्ति हथियारों में नहीं, बल्कि विचार और संकल्प में होती है। नशा और हिंसा किसी भी समाज को कमजोर कर देते हैं, जबकि सही सोच और जागरूकता ही समाज को मजबूत बनाती है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता नशे के खिलाफ प्रस्तुत नाटक रही। इस नाटक में विक्रम ज्याणी, लक्ष्या ज्याणी और सहीराम ने अभिनय के माध्यम से नशे की भयानक सच्चाई को मंच पर जीवंत किया। नाटक में यह दिखाया गया कि कैसे नशा एक खुशहाल परिवार को बर्बाद कर सकता है और युवाओं के सपनों को नष्ट कर देता है।

युवाओं ने लिया संकल्प

उपखण्ड अधिकारी भरत जय प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब देश अंग्रेजों की गुलामी में जकड़ा हुआ था, जिसे हमारे वीर शहीदों ने अपने बलिदान से तोड़ा। आज वही कुछ युवा नशे की गुलामी में जकड़ते जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस नई गुलामी को तोड़कर एक सशक्त, जागरूक और नशामुक्त भारत का निर्माण करें।

कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने साथियों को भी इस दुष्ट चक्र से बाहर निकालने का प्रयास करेंगे। इस नाटक और संदेशात्मक आयोजन ने युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया।

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