अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, नेटवर्क ध्वस्त

खबर सार :-
सोनभद्र पुलिस ने नशीली कफ सिरप की तस्करी करने वाले एक बड़े इंटरनेशनल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गठित SIT ने इस गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, नेटवर्क ध्वस्त
खबर विस्तार : -

सोनभद्रः सोनभद्र जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नशीले कफ सिरप तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ कर संगठित अपराध के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से न केवल जिले में बल्कि आसपास के राज्यों में भी सक्रिय अवैध नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस पूरे गिरोह की परतें खोलते हुए इसके मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया कि यह तस्करी रैकेट झारखंड के रांची से शुरू होकर बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक फैला हुआ था। गिरोह नशीले कफ सिरप, विशेष रूप से फेंसाडील, को ट्रकों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाता था। इसके लिए वे बिहार के पूर्णिया और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी-कूचबिहार बॉर्डर का इस्तेमाल करते थे, जहां से इस प्रतिबंधित पदार्थ को बांग्लादेश भेजा जाता था।

गैंग प्रमुख पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

इस मामले में बड़ी सफलता तब मिली जब गैंग के प्रमुख हैंडलर जुबेर हुसैन शेख को 16 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के लिलुआ थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के विस्तार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।

आयोजित होने वाली थी बड़ी बैठक

गिरोह के संचालन में बांग्ला भाषी ड्राइवरों की अहम भूमिका थी, जो माल को सुरक्षित तरीके से सीमाओं के पार पहुंचाने में मदद करते थे। इससे पहले भी इस नेटवर्क से जुड़े कई ड्राइवरों को पूर्णिया और रांची से गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह अपने सदस्यों को आर्थिक सहायता और कानूनी मदद मुहैया कराता था, ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में वे पुलिस के सामने कोई जानकारी न दें।

पुलिस के अनुसार, ईद से पहले हावड़ा में गिरोह की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें सदस्यों के बीच एक लाख रुपये के वितरण की योजना बनाई गई थी। फिलहाल, सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
 

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