माँ शारदा शक्ति मंदिर में दाऊ सरकार का आगमन, धार्मिक गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा

खबर सार :-
दाऊ सरकार जी के मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। उनके स्वागत के बाद मंदिर प्रांगण में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

माँ शारदा शक्ति मंदिर में दाऊ सरकार का आगमन, धार्मिक गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा
खबर विस्तार : -

सोनभद्रः जनपद सोनभद्र के ओबरा नगर स्थित माँ शारदा शक्ति मंदिर में मैहर शक्तिपीठ धाम के प्रधान पुजारी दाऊ सरकार जी के आगमन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर उनका पारंपरिक आगमन किसी कारणवश नहीं हो सका था, जिसके चलते 3 मई की शाम उनका आगमन विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन गया।

भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण देर रात तक गुंजायमान रहा। इसके साथ ही माँ शारदा की विधिवत आरती और भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

अगले दिन प्रातःकालीन आरती और दर्शन के दौरान भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने मां शारदा के चरणों में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि समाज में एकजुटता का संदेश भी दिया।

इसी अवसर पर मंदिर के समुचित संचालन और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए “माँ शारदा शक्ति मंदिर समिति” का गठन किया गया। यह समिति दाऊ सरकार जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में कार्य करेगी। समिति का उद्देश्य मंदिर के विकास, धार्मिक गतिविधियों के विस्तार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

समिति गठन का हुआ स्वागत

समिति में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनका विस्तृत विवरण अलग से अभिलेख में सुरक्षित रखा गया है। नई समिति मंदिर के व्यवस्थापन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ यहां आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों को भी व्यापक स्वरूप देगी।

समिति गठन के इस निर्णय का उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और विश्वास जताया कि इससे मंदिर के विकास को नई गति मिलेगी। लोगों का मानना है कि इस पहल से मंदिर न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि माँ शारदा शक्ति मंदिर क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है, जहां आस्था और संगठन दोनों का समन्वय देखने को मिलता है।

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