शाहपुरा: सांगानेर मॉडल स्टेट हाईवे इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नींद अब तक नहीं टूटी है। मंगलवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने इस जर्जर मार्ग की खतरनाक स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक मासूम बालिका की मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर कब तक यह सड़क यूं ही लोगों की जान लेती रहेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की स्थिति ठीक होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इस मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हर बार हादसे के बाद कुछ समय तक हलचल जरूर होती है, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और सुस्ती ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।
शाहपुरा शहर से बाहर निकलते ही सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। जगह-जगह सड़क उखड़ी हुई है, बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं और कई हिस्सों में सड़क धंस चुकी है। यह स्थिति हर पल दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही है। सबसे अधिक खराब हालत शाहपुरा बाईपास टोल प्लाजा के सामने सूरज सिंह जी का खेड़ा और तसवारिया क्षेत्र में देखी जा रही है। यहां रिटेनिंग की समस्या के कारण सड़क कई जगह से धंस गई है, जिससे यह मार्ग बेहद खतरनाक हो गया है।
डूगरी चौराहे से लेकर सूरज सिंह जी का खेड़ा तक मुख्य मार्ग पर दो से तीन फीट गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। वहीं तसवारिया क्षेत्र में सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। दिन हो या रात, वाहन चालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। कई बार छोटे वाहन इन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है।
इसी बीच स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। उनका आरोप है कि टोल प्लाजा संचालित करने वाली कंपनी लगातार टोल वसूली कर रही है, लेकिन सड़क की मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों ने “सड़क नहीं तो टोल नहीं” का नारा देते हुए चेतावनी दी है कि जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, तब तक टोल वसूली बंद की जानी चाहिए।
जीव दया सेवा समिति शाहपुरा के संयोजक अतू खा कायमखानी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने मांग की है कि शाहपुरा से बनेड़ा तक पूरी सड़क का तत्काल निरीक्षण किया जाए और मरम्मत कार्य जल्द शुरू किया जाए। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
समिति ने आरएसआरडीसी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि वे खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी करें। यह मार्ग जिला मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, इसलिए इसकी अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
गौरतलब है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकते हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन और आरएसआरडीसी की कार्रवाई पर टिकी हुई है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार समय रहते जागते हैं या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।
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