गौ सम्मान आह्वान अभियान: शाहपुरा में भव्य रैली, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांग

खबर सार :-
सोमवार को शाहपुरा शहर में एक विशाल जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के बैनर तले एक भव्य रैली निकाली गई। रैली में 'गौ माता' को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया।

गौ सम्मान आह्वान अभियान: शाहपुरा में भव्य रैली, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांग
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ाः शाहपुरा शहर में सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक भव्य रैली और जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में गौभक्तों, संत-महंतों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। रैली का उद्देश्य गौ संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना था।

लोगों ने उठाई अपनी मांगे

रैली की शुरुआत महलों का चौक से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए त्रिमूर्ति स्मारक पहुंची और अंत में कार्यालय परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान प्रतिभागी हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर ‘गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो’, ‘गौ संरक्षण हमारा धर्म’ और ‘गौ हत्या बंद करो’ जैसे नारे लिखे हुए थे। पूरे मार्ग में जयकारों और धार्मिक नारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा।

कार्यालय पहुंचने के बाद रैली प्रदर्शन में बदल गई, जहां उपस्थित लोगों ने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। इस अवसर पर प्रशासन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के चार सेट राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए, जिनमें गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की प्रमुख मांग शामिल रही।

कार्यक्रम का नेतृत्व शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा और जिला प्रचारक रामेश्वरलाल धाकड़ ने किया। उन्होंने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सुनील मीणा को ज्ञापन सौंपते हुए इस विषय की गंभीरता से अवगत कराया।

प्रभावी कदम उठाने की मांग

डॉ. लालाराम बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि देशभर के गौभक्तों और सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं और आगामी विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

जिला प्रचारक रामेश्वरलाल धाकड़ ने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। उन्होंने सभी नागरिकों से गौ संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

कार्यक्रम में विभिन्न मंदिरों के पुजारी, संत समाज के प्रतिनिधि, गौसेवा समितियों के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और शांति का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर गौ संरक्षण और सम्मान को लेकर इस प्रकार के अभियान चलाए जाते रहे हैं। शाहपुरा की यह रैली भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना है।


 

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