बहन को परेशान करने वाले युवक का 'थार' से फिल्मी अंदाज में अपहरण, पीलीभीत पुलिस ने 3 घंटे में चंगुल से छुड़ाया

खबर सार :-
पीलीभीत के घुंघचाई में बहन को परेशान करने वाले युवक का थार से अपहरण। पुलिस ने 3 घंटे में शाहजहांपुर से युवक को छुड़ाया, दो गिरफ्तार। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

बहन को परेशान करने वाले युवक का 'थार' से फिल्मी अंदाज में अपहरण, पीलीभीत पुलिस ने 3 घंटे में चंगुल से छुड़ाया
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बार फिर कानून व्यवस्था और निजी रंजिश का मिला-जुला मामला सामने आया है। घुंघचाई थाना क्षेत्र में एक युवक को किडनैप करने की सनसनीखेज वारदात हुई, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने महज तीन घंटे के भीतर ही सुलझा लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश के पीछे कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक भाई का गुस्सा था, जिसकी बहन को पीड़ित कथित तौर पर फोन कर परेशान कर रहा था।

झांसा देकर बुलाया और किया अपहरण

मामले की शुरुआत ददौल कॉलोनी से हुई। रंजीत कौर ने पुलिस को जानकारी दी कि उनके 35 वर्षीय बेटे निरवैल सिंह को किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया था। कॉल करने वाले ने झांसा दिया कि दिलावरपुर भट्टे के पास इंजन का कुछ सामान आया है, जिसकी उसे जरूरत थी। निरवैल अपने एक साथी के साथ जैसे ही बताए गए पते पर पहुँचा, वहाँ पहले से ही घात लगाए बैठे 3-4 बदमाशों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने निरवैल के साथ मारपीट की और उसे जबरन अपनी महिंद्रा थार गाड़ी में डालकर फरार हो गए।

पुलिस की तत्परता और शाहजहांपुर में दबिश

अपहरण की खबर मिलते ही घुंघचाई पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और सर्विलांस टीम को काम पर लगा दिया गया। मुखबिरों और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस को पता चला कि अपहरणकर्ता युवक को लेकर पड़ोसी जिले शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र में छिपे हुए हैं। 

बिना समय गंवाए पीलीभीत पुलिस ने खुटार में दबिश दी और घेराबंदी कर अपहृत निरवैल सिंह को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों—अमरजीत सिंह (निवासी खजुरिया) और गौरा गिल (निवासी मलिका, खुटार) को दबोच लिया। वारदात में इस्तेमाल की गई काली महिंद्रा थार (UP 27 BS 6285) को भी जब्त कर लिया गया है।

बुटीक, सोशल मीडिया और प्रतिशोध की कहानी

पुलिस की पूछताछ में इस अपहरण के पीछे की जो वजह सामने आई, वह आज के डिजिटल दौर की एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करती है। गिरफ्तार आरोपी अमरजीत ने बताया कि उसकी बहन ने हाल ही में अपना एक बुटीक सेंटर खोला था। प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर बुटीक का नंबर डाला गया था। आरोप है कि निरवैल सिंह उसी नंबर के जरिए अमरजीत की बहन को लगातार फोन कर परेशान कर रहा था। 

बहन के स्वाभिमान और सुरक्षा को लेकर अमरजीत इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर निरवैल को 'सबक सिखाने' की योजना बना डाली। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

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