शारदा नदी में स्नान के दौरान एक युवक सहित दो बच्चे डूबे, दो के शव बरामद

खबर सार :-
शारदा नदी में नहाते समय दो बच्चे डूब गए। उन्हें बचाने के लिए एक युवक नदी में कूद गया, लेकिन तीनों की मौत हो गई। एक बच्चे और युवक का शव नदी से बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश जारी है।

शारदा नदी में स्नान के दौरान एक युवक सहित दो बच्चे डूबे, दो के शव बरामद
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः पीलीभीत जिले की तहसील पूरनपुर क्षेत्र में मौनी अमावस्या के अवसर पर शारदा नदी में स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। धनाराघाट पर लगे मेले में शामिल होने आए दो मासूम बच्चों के नदी में डूबने से अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को बचाने के प्रयास में एक युवक भी नदी में कूद गया, लेकिन वह भी तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया। इस हादसे में कुल तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक बच्चे की तलाश देर शाम तक जारी रही।

बड़ी संख्या में पहुंचे थे श्रद्धालु

रविवार को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शारदा नदी के धनाराघाट पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान गांव चंदिया हजारा निवासी सुमित पुत्र सुशांत और सौरभ पुत्र निताई अपने परिजनों के साथ मेले में आए थे। स्नान करते समय दोनों बच्चे नदी के तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा सके और धीरे-धीरे गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों पानी में डूबने लगे, जिससे घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर जमा हो गए और तुरंत गोताखोरों को बुलाया गया। बच्चों को बचाने के प्रयास के दौरान एक युवक भी शारदा नदी में कूद पड़ा, लेकिन तेज धारा के कारण वह भी बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। इसके बाद प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

गोताखोरों और स्थानीय पुलिस ने चलाया अभियान

चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने एक बच्चे और युवक का शव नदी से बाहर निकाल लिया है। हालांकि दूसरे बच्चे की तलाश लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से गोताखोरों और स्थानीय पुलिस की मदद से खोज अभियान चलाया जा रहा है।

इस हृदयविदारक घटना से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मौनी अमावस्या जैसे पावन पर्व पर हुई इस दुखद घटना ने मेले की खुशियों को मातम में बदल दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और गोताखोरों की स्थायी तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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