टाइगर रिजर्व की माला रेंज में वनकर्मियों और ग्रामीणों के बीच मारपीट, पांच घायल

खबर सार :-
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) की माला रेंज में वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच मारपीट हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

टाइगर रिजर्व की माला रेंज में वनकर्मियों और ग्रामीणों के बीच मारपीट, पांच घायल
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः जिले के न्यूरिया थाना क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) की माला रेंज में मंगलवार देर रात वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

देर रात गश्त के दौरान हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात वन विभाग की टीम माला रेंज से सटे इलाकों में नियमित गश्त पर निकली हुई थी। इसी दौरान मरौरी गांव के पास खेतों की रखवाली कर रहे कुछ ग्रामीणों से वनकर्मियों की कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि मामूली बहस कुछ ही देर में बढ़कर विवाद में बदल गई और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे। देर रात हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दोनों पक्षों के लोग घायल

मारपीट की इस घटना में वन दरोगा सुमित के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उनके अलावा वन विभाग के अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। दूसरी ओर ग्रामीण पक्ष से अशोक कुमार और ओम प्रकाश भी चोटिल हुए हैं।

घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

वन विभाग का पक्ष:

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गश्त के दौरान टीम ने कुछ लोगों को डनलप (बैलगाड़ी/बुग्गी) में अवैध लकड़ी ले जाते हुए देखा था। जब टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने वनकर्मियों के साथ बहस शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया, जिससे कर्मचारी घायल हो गए।

ग्रामीणों का पक्ष:

वहीं ग्रामीण पक्ष का कहना है कि वे लोग अपने खेतों में आवारा जानवरों से फसल की रखवाली कर रहे थे। घायल किसान अशोक कुमार का आरोप है कि वनकर्मी अचानक वहां पहुंचे और बिना किसी ठोस कारण के उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इससे विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया। सुभाष मावी, थाना अध्यक्ष न्यूरिया ने बताया कि पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनका मेडिकल परीक्षण कराया है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
 

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