Manipur Anti Drug Operation 2026: मणिपुर में नशे के कारोबार और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियानों के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान मणिपुर पुलिस के एक हवलदार ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार तथा गोला-बारूद बरामद कर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थोउबल जिले की कमांडो यूनिट (सीडीओ) को अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की विशेष सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर बुधवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में दोनों व्यक्तियों के ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी। सुरक्षा एजेंसियां उनसे महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही थीं, ताकि नशा कारोबार की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया जा सके।
पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक मोहम्मद नाओबी उर्फ माहिल (25) ने अचानक हमला कर दिया। आरोपी ने मणिपुर राइफल्स (आईआरबी) की चौथी बटालियन में तैनात हवलदार सुरेश सिंह पर चाकू से वार कर दिया। हमला इतना तेज और अप्रत्याशित था कि हवलदार सुरेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी दूसरे हिरासत में लिए गए व्यक्ति के साथ मौके से फरार होने में सफल रहा। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल थोउबल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया। हालांकि गंभीर चोटों के कारण बुधवार देर रात उनकी मृत्यु हो गई।
हवलदार सुरेश सिंह की शहादत ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर दिया है। वे थोउबल जिला पुलिस की कमांडो यूनिट से जुड़े थे और लंबे समय से सुरक्षा अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। मणिपुर पुलिस कमांडो यूनिट राज्य की एक विशेष सामरिक शाखा मानी जाती है। इसके जवानों को उग्रवाद-रोधी अभियानों, नशाविरोधी कार्रवाई, त्वरित प्रतिक्रिया कार्यों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। सुरेश सिंह की शहादत को सुरक्षा बलों ने कर्तव्य के प्रति सर्वोच्च समर्पण का उदाहरण बताया है। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। लगातार दबिश और खोज अभियान के बाद मुख्य आरोपी मोहम्मद नाओबी उर्फ माहिल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसी बड़े ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं। फरार हुए दूसरे व्यक्ति की तलाश भी तेज कर दी गई है।
इस बीच सुरक्षा बलों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में उग्रवादी संगठनों के खिलाफ भी अभियान चलाया। चंदेल और इंफाल पूर्वी जिलों में हुई कार्रवाई के दौरान छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए उग्रवादी कथित रूप से कांगलेई यावोल कान्ना लुप (केवाईकेएल), कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (पीआरईपीएके) जैसे संगठनों से जुड़े बताए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां उनसे पूछताछ कर उनके नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्वी जिले के इरिलबंग क्षेत्र में स्थित एक झोपड़ी से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। बरामद सामग्री में दो एके-सीरीज राइफलें, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक 9 एमएम कार्बाइन, चार हैंड ग्रेनेड, कई मैगजीन और विभिन्न कैलिबर के जिंदा कारतूस शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल उग्रवादी गतिविधियों या अन्य आपराधिक घटनाओं में किया जा सकता था। बरामदगी को सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां राज्य के संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों, मिश्रित आबादी वाले इलाकों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वर्तमान में घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 114 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य उग्रवादियों, संदिग्ध तत्वों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखना है। इसके अलावा इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवश्यक वस्तुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एस्कॉर्ट की व्यवस्था भी की गई है।
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों, वीडियो और ऑडियो क्लिप पर विश्वास न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से की जानी चाहिए। विभाग ने चेतावनी दी है कि फर्जी सामग्री साझा करने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
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