Jhansi News: नेत्र चिकित्सालय में डॉक्टरों की लेटलतीफी पर डीएम सख्त, औचक निरीक्षण में...

खबर सार :-
जिलाधिकारी द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई नेत्र अस्पताल का औचक निरीक्षण किए जाने से हड़कंप मच गया। अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, और उनके वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
Jhansi News: नेत्र चिकित्सालय में डॉक्टरों की लेटलतीफी पर डीएम सख्त, औचक निरीक्षण में...
खबर विस्तार : -

Jhansi News : गर्मी के मौसम में आंखों से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज महारानी लक्ष्मीबाई नेत्र चिकित्सालय पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज अस्पताल में उपचार और चिकित्सीय परामर्श के लिए आते हैं, लेकिन चिकित्सकों की लेटलतीफी और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी गौरांग राठी तक पहुंचने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की।

मरीजों को करना पड़ता है इंतजार

जानकारी के अनुसार अस्पताल में दो चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित है। तीन दिन डॉ. अंजली सरावगी तथा तीन दिन डॉ. कुमार ढींगरा मरीजों का परीक्षण करते हैं। 1 जून को डॉ. अंजली सरावगी की ड्यूटी जेल चौराहा स्थित महारानी लक्ष्मीबाई नेत्र चिकित्सालय में थी। मरीज सुबह 8 बजे से ही अस्पताल पहुंचकर लाइन में लग गए थे, लेकिन चिकित्सक निर्धारित समय पर नहीं पहुंचीं। बताया गया कि डॉ. अंजली सरावगी सुबह करीब 10:40 बजे अस्पताल पहुंचीं, जिससे मरीजों को लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

मरीजों ने अस्पताल स्टाफ से चिकित्सक के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस दौरान अस्पताल में मौजूद एक कर्मचारी ने भी चिकित्सक के आने के समय को लेकर अनिश्चितता जताई। बढ़ती शिकायतों के बीच मामला जिलाधिकारी गौरांग राठी के संज्ञान में लाया गया।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल नगर मजिस्ट्रेट एवं चिकित्सालय सचिव प्रमोद कुमार झा को महारानी लक्ष्मीबाई नेत्र चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के लिए भेजा। निरीक्षण के दौरान ओपीडी लिपिक पहाड़ सिंह, वार्ड बॉय रमेश कुमार धोबी तथा बनमाली प्रसाद शर्मा उपस्थित मिले।

चिकित्सकों और कर्मचारियों से मांगा स्पष्टीकरण

हालांकि निरीक्षण के समय डॉ. कुमार ढींगरा, डॉ. अंजली सरावगी सहित चार अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित कर्मचारियों में लेखाकार मथुरा प्रसाद, ओटी सहायक रानी पटेरिया, इलेक्ट्रिशियन संजीव कुमार तथा ओटी सहायक हरिओम शामिल थे।

नगर मजिस्ट्रेट द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे जाने के बाद जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का मई 2026 का वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने 3 जून को स्वयं महारानी लक्ष्मीबाई नेत्र चिकित्सालय पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय सुविधाओं, स्टाफ की उपस्थिति तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मरीजों और उनके परिजनों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासनिक सख्ती के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और उन्हें समय पर उपचार मिल सकेगा।
 

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