Pilibhit Fire News : खेत में नरई की आग ने मचाया तांडव, मैकेनिक की दुकान जलकर राख, 4 बाइकें खाक

खबर सार :-
Pilibhit Fire News : पीलीभीत के कुर्रेया गाँव में खेत में नरई जलाने से लगी भीषण आग में एक मोटरसाइकिल मैकेनिक की दुकान जलकर राख हो गई। 4 बाइकें और सारा सामान खाक।

Pilibhit Fire News : खेत में नरई की आग ने मचाया तांडव, मैकेनिक की दुकान जलकर राख, 4 बाइकें खाक
खबर विस्तार : -

पीलीभीत : जनपद के पूरनपुर क्षेत्र में मंगलवार को एक किसान की लापरवाही और तेज हवाओं के घातक मेल ने एक गरीब मैकेनिक की रोजी-रोटी छीन ली। ग्राम पंचायत कुर्रेया में गेहूं के अवशेष (नरई) जलाने के दौरान उठी चिंगारी ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि देखते ही देखते पास स्थित मोटरसाइकिल मैकेनिक की दुकान आग के गोले में तब्दील हो गई। इस अग्निकांड में दुकान के अंदर खड़ी चार बाइकें और मरम्मत का सारा कीमती सामान जलकर राख हो गया है।

Pilibhit Fire News  कैसे शुरू हुआ तबाही का मंजर?

घटना मंगलवार दोपहर की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पास के एक खेत में गेहूं की कटाई के बाद बची नरई को साफ करने के लिए आग लगाई गई थी। इसी दौरान अचानक हवा का रुख बदला और लपटें बेकाबू होकर सीधे रवि वर्मा की मोटरसाइकिल रिपेयरिंग शॉप की तरफ बढ़ गईं। आग इतनी भीषण थी कि रवि को संभलने तक का मौका नहीं मिला। चंद मिनटों में ही दुकान से धुएं का काला गुबार और आग की लपटें आसमान छूने लगीं।
ग्रामीणों ने जब शोर सुना तो वे बाल्टियों में पानी लेकर मौके की ओर दौड़े। घंटों की कड़ी मशक्कत और ग्रामीणों के साहस के चलते आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक रवि वर्मा का सब कुछ बर्बाद हो चुका था। दुकान में खड़ी ग्राहकों की चार मोटरसाइकिलें, मैकेनिक के औजार और स्पेयर पार्ट्स अब सिर्फ लोहे के जले हुए ढांचे और राख के रूप में बचे हैं। पीड़ित दुकानदार को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

Pilibhit Fire News  फायर स्टेशन की दूरी बनी अभिशाप

इस दुखद घटना ने स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है कि पूरनपुर क्षेत्र से मुख्य फायर स्टेशन की दूरी अत्यधिक होने के कारण दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुँच पातीं और जब तक राहत कार्य शुरू होता है, तब तक सब कुछ जलकर स्वाहा हो चुका होता है। स्थानीय निवासियों का दर्द बयां करते हुए एक ग्रामीण ने बताया कि यदि तहसील या थाना स्तर पर एक छोटा फायर स्टेशन भी उपलब्ध होता, तो शायद आज रवि की दुकान को इस तबाही से बचाया जा सकता था। वह आगे कहते हैं कि ग्रामीण सालों से इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन के प्रस्ताव फाइलों में ही दबे रह गए। हैरानी की बात तो यह है कि पूर्व में शासन स्तर से क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में फायर स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार भी किया गया था, लेकिन जमीन और अन्य तकनीकी अड़चनों के चलते वह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। नए स्थान का चयन न होने का सीधा खामियाजा आज यहाँ के ग्रामीण अपने जान-माल के नुकसान के रूप में भुगतने को मजबूर हैं।

Pilibhit Fire News  बेअसर साबित हो रही है प्रशासन की चेतावनी

कृषि विशेषज्ञों और प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी दी जाती है कि गेहूं की नरई जलाना न केवल जमीन की उर्वरता और पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह जान-माल के लिए भी बड़ा खतरा है। इसके बावजूद, कुछ किसानों की मनमानी जारी है। कुर्रेया की यह घटना एक सबक है कि एक छोटी सी चिंगारी किसी के बरसों के परिश्रम को कुछ ही पलों में राख कर सकती है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन दोषी किसान पर कार्रवाई करता है और पीड़ित मैकेनिक को उचित मुआवजा मिलता है या नहीं।

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