हर तहसील और ब्लॉक में बनेगा स्थाई हेलीपैड, वीआईपी दौरों के लिए खत्म होगी अस्थायी व्यवस्था की मजबूरी

खबर सार :-
जनपद की हर तहसील और ब्लॉक स्तर पर स्थाई हेलीपैड बनाए जाएंगे। इससे वीआईपी दौरों के लिए अस्थायी हेलीपैड की जरूरत खत्म होगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

हर तहसील और ब्लॉक में बनेगा स्थाई हेलीपैड, वीआईपी दौरों के लिए खत्म होगी अस्थायी व्यवस्था की मजबूरी
खबर विस्तार : -

झांसी : जनपद में प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों को और अधिक सुचारु बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया गया है। शासन के निर्देश पर अब जिले की प्रत्येक तहसील और हर ब्लॉक स्तर पर स्थाई हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। इससे मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और अन्य अति विशिष्ट अतिथियों के आगमन के समय हेलीकॉप्टर उतारने को लेकर होने वाली परेशानियों से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग खंड-3, झांसी के अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन ने सभी तहसील और ब्लॉक स्तर पर स्थाई हेलीपैड बनाए जाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक स्थान पर सीमेंट कंक्रीट (सीसी) का मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, ताकि किसी भी मौसम में हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सके।

उन्होंने बताया कि हेलीपैड निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रस्तावित स्थल के चारों ओर 245 मीटर की परिधि में न तो कोई ऊंची इमारत होगी और न ही मोबाइल टावर या बड़े पेड़। इससे उड़ान संचालन में किसी प्रकार का जोखिम नहीं रहेगा। अब तक स्थिति यह थी कि जब भी किसी शासकीय योजना के शिलान्यास, लोकार्पण या समीक्षा बैठक के लिए वीआईपी का दौरा होता था, तो प्रशासन को अस्थायी हेलीपैड बनवाना पड़ता था। कई बार ये कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होते थे, जहां उपयुक्त स्थान तलाशना अधिकारियों के लिए चुनौती बन जाता था। अस्थायी हेलीपैड ईंटें बिछाकर बनाए जाते थे, जिन पर औसतन 10 से 12 लाख रुपये तक खर्च हो जाता था। कार्यक्रम समाप्त होते ही ये हेलीपैड बेकार हो जाते थे और सामग्री चोरी होने से विभाग को दोबारा खर्च उठाना पड़ता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए थे कि सभी तहसील और ब्लॉक स्तर पर प्रशासन जमीन उपलब्ध कराए और लोक निर्माण विभाग वहां स्थाई हेलीपैड का निर्माण करे। प्रशासन द्वारा कुछ स्थानों पर जमीन चिन्हित कर ली गई है, जबकि अन्य जगहों पर भूमि की तलाश जारी है।

स्थाई हेलीपैड के निर्माण पर अनुमानित 32 से 35 लाख रुपये का खर्च आएगा, लेकिन यह खर्च केवल एक बार होगा। इसके बाद वर्षों तक इसका उपयोग किया जा सकेगा। प्रस्तावित हेलीपैड का आकार 46 मीटर लंबा और 46 मीटर चौड़ा होगा, जो पूरी तरह सीमेंटेड रहेगा। वर्तमान में महानगर क्षेत्र में पुलिस लाइन परिसर में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद जिले के हर तहसील और ब्लॉक में यह सुविधा मौजूद होगी। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आपातकालीन स्थितियों और भविष्य की जरूरतों के लिए भी यह एक मजबूत बुनियादी ढांचा साबित होगा।

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