Makar Sankranti: मकर संक्रांति के मौके पर बिहार में दही-चूड़ा भोज (Chura-Dahi Bhoj) को लेकर राजनीति पूरे जोर पर है। बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर सियासी गलियारों में दही-चूड़ा भोज की पुरानी परंपरा है। इसी परंपरा का पालन करते हुए आज (14 जनवरी) जहां JDU के भोज में सीएम नीतीश कुमार शामिल हुए, वहीं बिहार सरकार के कई मंत्री और कार्यकर्ता भी BJP प्रदेश कार्यालय में किसान मोर्चा द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में पहुंचे। इसके अलावा लालू यादव के बड़े बेटे और जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने भी दही-चूड़ा भोज आयोजन किया जिससे इस सर्द मौसम में सियासी गर्मी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति के मौके पर पटना में पूर्व मंत्री और जेडीयू विधायक रत्नेश सदा के आवास पर जेडीयू द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज (Chura-Dahi Bhoj) में शामिल हुए। रत्नेश सदा ने सीएम नितिश को शॉल और फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस मौके पर JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक श्याम रजक, विधायक शीला कुमारी, विधायक संतोष कुमार निराला, राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा के साथ-साथ बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
उधर BJP प्रदेश कार्यालय में भी 'कार्यकर्ता मिलन समारोह और दही-चूड़ा भोज' (Chura-Dahi Bhoj) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री मंगल पांडे और बड़ी संख्या में दूसरे नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
बता दें कि बिहार में कुछ लोग बुधवार को मकर संक्रांति मना रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे कल, 15 जनवरी गुरुवार को मनाएंगे। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में सभी की नज़रें दही-चूड़ा भोज पर हैं। इस बार, मकर संक्रांति के मौके पर RJD अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे और जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव द्वारा दी गई दही-चूड़ा भोज की पार्टी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने बुधवार को अपने आवास पर एक भव्य दही-चूड़ा भोज आयोजन किया।
खास बात यह है कि उन्होंने इस दावत में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पार्टियों के नेताओं को आमंत्रित किया था। इतना ही नहीं तेज प्रताप यादव खुद अपने पिता लालू और मां राबड़ी देवी के पास गए और उन्हें भी आमंत्रण दिया है। तेज प्रताप यादव पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अपने छोटे भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव से नाराज थे। उन्हें भी आमंत्रण दिया है। तेज प्रताप को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है।
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