पीलीभीत में उमड़ा आस्था का सैलाब: 'हारे का सहारा' के जयकारों के साथ निकली बाबा श्याम की भव्य शोभा यात्रा

खबर सार :-
पीलीभीत में श्री खाटू श्याम जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। द्वारकाधीश मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य किया और गुलाल की होली खेली। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

पीलीभीत में उमड़ा आस्था का सैलाब: 'हारे का सहारा' के जयकारों के साथ निकली बाबा श्याम की भव्य शोभा यात्रा
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में आज भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था फाल्गुन मास के पावन उपलक्ष्य में आयोजित श्री खाटू श्याम जी की भव्य शोभा यात्रा का। पूरा शहर 'हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा' और 'जय श्री श्याम' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने इस यात्रा को एक उत्सव के रूप में मनाया, जहाँ भक्ति, संगीत और रंगों का अद्भुत मेल दिखाई दिया।

द्वारकाधीश मंदिर से हुआ मंगल शुभारंभ

शोभा यात्रा का औपचारिक आगाज स्टेशन रोड स्थित ऐतिहासिक श्री द्वारकाधीश मंदिर से हुआ। सुबह मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ बाबा श्याम का पूजन और महाआरती की गई। इसके पश्चात बाबा की दिव्य पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। जैसे ही पालकी मंदिर की दहलीज से बाहर निकली, भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँच गया।

पुष्प वर्षा और गुलाल से सराबोर हुआ शहर

जैसे-जैसे शोभा यात्रा आगे बढ़ी, पूरा शहर पुष्प वर्षा और गुलाल की सुगंध से पूरी तरह सराबोर हो गया। यात्रा अपने निर्धारित मार्ग के अनुसार शहर के विभिन्न प्रमुख रास्तों से होकर गुजरी, जहाँ कदम-कदम पर बाबा की पालकी का जोरदार इस्तकबाल किया गया। गैस चौराहा और चावला चौराहा पहुँचने पर स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने उत्साह के साथ बाबा की सुंदर पालकी पर भारी मात्रा में फूलों की वर्षा की, जिससे पूरा मार्ग फूलों की चादर से ढक गया। शहर की हृदय स्थली मानी जाने वाली चूड़ी वाली गली जैसे बेहद संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी भक्तों की आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि वहां तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी। भक्ति का माहौल ऐसा था कि हर कोई बस बाबा की एक झलक पाने को बेताब नजर आया। फाल्गुन का पवित्र महीना होने के कारण इस यात्रा में होली का विशेष उल्लास भी देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने हवा में जमकर अबीर और गुलाल उड़ाकर एक-दूसरे को बधाई दी, जिससे आसमान सतरंगी हो गया। फूलों की इस अनोखी होली ने पीलीभीत की सड़कों को पूरी तरह से वृंदावन के रंग में रंग दिया, जहाँ हर भक्त श्याम के रंग में रंगा हुआ और भक्ति में मग्न दिखाई दिया।

भजनों की धुन पर झूमे श्रद्धालु

यात्रा के साथ चल रहे बैंड-बाजे और भजन मंडलियों ने समां बांध दिया। मधुर श्याम भजनों पर युवा, बुजुर्ग और महिलाएं थिरकते हुए चल रहे थे। बाबा श्याम का रथ विशेष रूप से विदेशी फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था, जो हर किसी की श्रद्धा का केंद्र बना रहा। रास्ते भर जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा शीतल जल, शरबत और प्रसाद का वितरण किया गया।

चौक बाजार स्थित मंदिर में हुआ समापन

नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों और व्यस्त चौराहों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं का यह विशाल सैलाब अंततः चौक बाजार स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर की देहरी पर पहुँचा, जहाँ यात्रा का समापन पूरी भव्यता के साथ हुआ। मंदिर परिसर पहुँचने पर स्थानीय भक्तों और मंदिर समिति द्वारा पालकी का जोरदार स्वागत किया गया। यहाँ बाबा श्याम के विग्रह को मंदिर के गर्भगृह में विराजित करने के बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के मिष्ठान और पकवान शामिल थे। इसके पश्चात, शंखों की ध्वनि और घंटों की गूंज के बीच बाबा की विशेष महाआरती उतारी गई, जिसमें उपस्थित हजारों भक्तों ने एक स्वर में जयकारे लगाए। इस भक्तिमय समापन पर अपनी खुशी साझा करते हुए मंदिर कमेटी के सदस्यों ने भावुक स्वर में कहा कि बाबा श्याम की असीम कृपा से ही आज पूरा पीलीभीत पूरी तरह से 'श्याममयी' नजर आ रहा है। उन्होंने आगे बताया कि फाल्गुन मास की इस पारंपरिक शोभा यात्रा में भक्तों का जो अटूट विश्वास और समर्पण देखने को मिला है, उसने इस पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। अंत में, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और बाबा से सुख-समृद्धि की कामना की गई।

भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था

हजारों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन किया गया था। मंदिर कमेटी ने सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शाम को भंडारे के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।

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