झांसी: भारतीय रेलवे लगातार तकनीकी नवाचारों के जरिए स्वच्छता, सुरक्षा और संसाधनों की बचत की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में झांसी स्थित रेलवे कोच नवीनीकरण कारखाने (आरसीएनके) ने एक ऐसी आधुनिक प्रणाली विकसित की है, जिसने रेलवे के बायो टॉयलेट टैंकों की सफाई की तस्वीर ही बदल दी है। अब तक जिस बायो टॉयलेट टैंक को पूरी तरह साफ करने में लगभग दो घंटे का समय लग जाता था, वही कार्य अब महज 15 मिनट में पूरा हो रहा है। यह सफलता एक 'ऑटोमैटिक प्रेशराइज्ड नोजल सिस्टम' के कारण संभव हो पाई है, जिसे विशेष रूप से एलएचबी कोचों में लगे बायो टॉयलेट टैंकों की सफाई के लिए तैयार किया गया है।
नई तकनीक न केवल समय बचा रही है, बल्कि पानी की खपत में भी उल्लेखनीय कमी ला रही है। पहले एक टैंक की सफाई में 100 लीटर से अधिक पानी खर्च होता था, जबकि अब सिर्फ 30 लीटर पानी में ही पूरी सफाई संभव हो पा रही है। खास बात यह है कि उपयोग किए गए पानी को रीसाइकिल भी किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिल रहा है।
इस नई व्यवस्था से रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा में भी बड़ा सुधार हुआ है। पहले सफाई के दौरान कर्मचारियों को भारी बायो टॉयलेट टैंक, जिसका वजन करीब 7 से 8 क्विंटल होता है, को हाथ से संभालना पड़ता था। इससे चोट लगने और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बने रहते थे। अब पूरी सफाई प्रक्रिया बंद केबिन में स्वचालित तरीके से होती है, जिससे कर्मचारियों का गंदगी से सीधा संपर्क समाप्त हो गया है और कार्यस्थल पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो गया है।
झांसी में इस प्रणाली की सफलता को देखते हुए देश के कई प्रमुख रेलवे कोच कारखानों-जैसे डिब्रूगढ़, भोपाल, अजमेर और तिरुपति- ने भी इस तकनीक को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा विभिन्न रेलवे मंडलों के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ इस मॉडल का अध्ययन करने झांसी पहुंच रहे हैं।
रेलवे कोच नवीनीकरण कारखाना झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल कनौजिया ने बताया कि एलएचबी कोचों में लगे बायो टॉयलेट को अब प्रेशराइज्ड फ्लशिंग सिस्टम के माध्यम से साफ किया जा रहा है। इस तकनीक में एयर प्रेशर की मदद से पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे टैंक पूरी तरह स्वच्छ हो जाता है और पानी की खपत भी लगभग आधी रह जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से सफाई की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में काम कर पा रहे हैं। भारतीय रेलवे की यह पहल न केवल स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती देती है, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए कार्यकुशलता और मानव सुरक्षा का बेहतरीन उदाहरण भी पेश करती है।
अन्य प्रमुख खबरें
पीलीभीत: रिहायशी इलाके में अवैध नमकीन फैक्ट्री में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी
रुदावल तहसील के भवनपुरा मे रात्रि चौपाल का हुआ आयोजन, ग्रामीणों की सुनी समस्याएं
Varun Gandhi PM Modi Meeting: क्या पीलीभीत के पूर्व सांसद की भाजपा में शुरू होगी 'दूसरी पारी'?
पढ़ेगा खारा तभी तो बढ़ेगा खारा: एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने किया राजकीय हाई स्कूल का शिलान्यास
जयपुर–कोटा हाईवे पर देर रात शराब बिक्री, यूनिवर्सिटी के सामने ठेके पर उठे सवाल
Bhilwara: जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचेगी सामग्री, सेवा अभियान बना प्रेरणा
जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, छात्र-छात्राओं में दिखा गजब का उत्साह
एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जारी किए निर्देश, बैठक में हुआ फैसला
राजस्थान दिवसः बारहठ महाविद्यालय में दिखा उत्साह, प्रतियोगिताओं में छात्रों ने बिखेरी प्रतिभा