पीलीभीत: रिहायशी इलाके में अवैध नमकीन फैक्ट्री में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

खबर सार :-
पीलीभीत के सुनगढ़ी इलाके में एक रिहायशी मकान में चल रही अवैध नमकीन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। भट्टी की चिंगारी से भड़की इस आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। जानिए पूरा मामला।

पीलीभीत: रिहायशी इलाके में अवैध नमकीन फैक्ट्री में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। यहाँ एक घनी आबादी वाले मोहल्ले के भीतर अवैध रूप से संचालित की जा रही नमकीन फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी ऊँची थीं कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलने पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

 भट्टी से उठी चिंगारी ने लिया विकराल रूप

यह पूरी घटना सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के खुशीमल मोहल्ले की है। यहाँ रहने वाले जुम्मा अंसारी के रिहायशी मकान में बड़े पैमाने पर नमकीन बनाने का काम किया जा रहा था। सोमवार को जब फैक्ट्री में काम चल रहा था, तभी भट्टी से निकली एक छोटी सी चिंगारी पास रखे ज्वलनशील सामान और कच्चे माल पर जा गिरी। सूखे सामान ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं के गुबार और आग की लपटों से घिर गया। स्थानीय लोगों ने जब घर की खिड़कियों से आग की लपटें निकलते देखीं, तो तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

 पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी और थानाध्यक्ष नरेश त्यागी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। चूंकि इलाका रिहायशी और भीड़भाड़ वाला था, इसलिए पुलिस ने सबसे पहले सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों को वहां से दूर किया ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला। सीओ फायर अनुराग सिंह के नेतृत्व में फायर फाइटर्स ने सूझबूझ का परिचय दिया और आग को मोहल्ले के अन्य घरों में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया।

नुकसान का आकलन और राहत की बात

हादसे के बाद नुकसान का जायजा लेने पहुंचे सीओ फायर अनुराग सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँच गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर ब्रिगेड की टीम ने भारी मशक्कत के बाद समय रहते आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया, जिससे एक बड़ा संकट टल गया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत वाली बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि, फैक्ट्री के मालिक को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है क्योंकि घर के भीतर रखा सारा कीमती कच्चा माल, तैयार नमकीन का स्टॉक और कीमती मशीनें जलकर पूरी तरह राख हो गई हैं। फिलहाल विभाग नुकसान के सटीक आंकड़ों का आकलन करने में जुटा है।

 घनी आबादी में अवैध फैक्ट्रियों पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध कारोबारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना किसी अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के घनी आबादी के बीच नमकीन फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। यदि यह आग रात के समय लगती या दमकल की गाड़ियाँ पहुँचने में देरी होती, तो पूरा मोहल्ला इसकी चपेट में आ सकता था। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस बात की गहनता से जाँच कर रहा है कि बिना किसी वैध लाइसेंस और अनुमति के आवासीय क्षेत्र में यह फैक्ट्री कैसे चलाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अन्य प्रमुख खबरें